फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court West Bengal Sandeshkhali Row news and updates plea Transfer of Probe news in hindi

Sandeshkhali: सुप्रीम कोर्ट ने संदेशखाली मामले में दखल देने से इनकार किया, कहा-मणिपुर से न करें तुलना

Mon, 19 Feb 2024 04:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 19 Feb 2024 04:15 PM IST
सार

वकील आलोक अलख श्रीवास्तव की तरफ से दायर याचिका में संदेशखाली के पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से न निभाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
 

विज्ञापन
Supreme Court West Bengal Sandeshkhali Row news and updates plea Transfer of Probe news in hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली गांव में रहने वाली महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में जांच और उसकी सुनवाई को पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित करने और केंद्रीय जांच ब्यूरो या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ले ली। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका के साथ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करने की इजाजत मांगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान ले लिया है।

विज्ञापन


बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित संदेशखाली गांव इन दिनों चर्चा में है। गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख ने उनकी जमीन पर कब्जा करने के साथ-साथ कुछ महिलाओं के साथ यौन शोषण भी किया है। बंगाल की पूरी सियासत अभी संदेशखाली के ईर्दगिर्द भटक रही है। संदेशखाली सियासी जंग का मैदान बना हुआ है।
विज्ञापन


इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई। याचिका में मामले की जांच और उसके बाद सुनवाई पश्चिम बंगाल से बाहर कराने की मांग की गई है। वकील आलोक अलख श्रीवास्तव की तरफ से दायर याचिका में संदेशखाली के पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से न निभाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो जजों की खंडपीठ में सुनवाई
संदेशखाली मामले पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई की। इससे पहले रविवार को उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपियों में से एक शिबू हाजरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की खबर आई। तृणमूल कांग्रेस नेता शिबू हाजरा को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। शिबू को हिरासत में भेजने का फैसला बशीरहाट सबडिवीजन कोर्ट ने सुनाया। इनके खिलाफ संदेशखाली में जमीन हड़पने और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।

मणिपुर से तुलना पर शीर्ष अदालत की टिप्पणी
शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए शीर्ष कोर्ट ने कहा कि इसकी तुलना मणिपुर से न करें। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले में स्वत:संज्ञान लिया है। दो जगह सुनवाई नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। याचिकाकर्ता ने कहा, मणिपुर मामले में शीर्ष अदालत ने दखल दिया। इसमें भी जांच की निगरानी करनी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा, इसकी तुलना मणिपुर से मत कीजिए। हम पीड़ितों को लेकर उत्सुकता व सहानुभूति को समझते हैं, पर इस कोर्ट की ओर से किसी जांच की निगरानी पूरी तरह से अलग है। 


क्या है मामला?
बता दें कि संदेशखाली जाते वक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को रोके जाने की घटना सामने आई थी। मजूमदार पुलिस कर्मियों के साथ झड़प में घायल हो गए। संदेशखाली इलाके में बड़ी संख्या में महिलाओं के तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाए जाने के बाद से तनाव व्याप्त है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed