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SC: मध्य प्रदेश की दो महिला न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी रद्द; कार्रवाई को मनमाना और गैरकानूनी करार दिया

Fri, 28 Feb 2025 11:53 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 28 Feb 2025 11:53 AM IST
सार

इससे पहले शीर्ष अदालत ने 17 दिसंबर, 2024 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दो महिला न्यायिक अधिकारियों की सेवा समाप्ति से संबंधित मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष अदालत ने 11 नवंबर 2023 को कथित असंतोषजनक प्रदर्शन की वजह से राज्य सरकार की ओर से छह महिला दीवानी न्यायाधीशों की बर्खास्तगी का स्वत: संज्ञान लिया था।

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Supreme Court Updates: SC sets aside termination of two women judicial officers terms it illegal
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में दो महिला न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इसे दंडात्मक, मनमाना और गैरकानूनी बताया। जस्टिस बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सेवा में बहाल किया जाए। उनकी सेवाएं 2023 में समाप्त कर दी गई थीं।

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न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'इन दो न्यायिक अधिकारियों की सेवा समाप्ति दंडात्मक, मनमानी है और इसलिए यह कार्रवाई अवैध है।' न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि फैसले में भारतीय न्यायपालिका में महिलाओं के मुद्दे पर भी चर्चा की गई है।
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17 दिसंबर, 2024 को फैसला सुरक्षित रख लिया था
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 17 दिसंबर, 2024 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दो महिला न्यायिक अधिकारियों की सेवा समाप्ति से संबंधित मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष अदालत ने 11 नवंबर 2023 को कथित असंतोषजनक प्रदर्शन की वजह से राज्य सरकार की ओर से छह महिला दीवानी न्यायाधीशों की बर्खास्तगी का स्वत: संज्ञान लिया था।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने पहले के प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया
हालांकि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एक पूर्ण अदालत ने एक अगस्त 2024 को अपने पहले के प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया और चार अधिकारियों- ज्योति वरकड़े, सोनाक्षी जोशी, प्रिया शर्मा और रचना अतुलकर जोशी को कुछ शर्तों के साथ बहाल करने का फैसला किया। इसके अलावा अन्य दो अदिति कुमार शर्मा और सरिता चौधरी को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया।

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कलकत्ता हाईकोर्ट में जज के तौर पर पांच वकीलों के नामों को मंजूरी
भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट में जज के तौर पर पांच वकीलों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 25 फरवरी को हुई बैठक में कॉलेजियम ने जिन वकीलों के नामों को मंजूरी दी, उनमें स्मिता दास डे, रीतोब्रोतो कुमार मित्रा, एमडी तलय मसूद सिद्दीकी, कृष्णराज ठाकर और ओम नारायण राय हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट में 72 स्वीकृत पदों के मुकाबले 43 जज काम कर रहे हैं।

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