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Supreme Court: चैतन्य बघेल की जमानत के खिलाफ याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई, सरकार ने कहा- गवाह सामने नहीं आ रहे
Mon, 09 Feb 2026 04:05 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 09 Feb 2026 04:05 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने कथित शराब घोटाला मामले मे चैतन्य बघेल को दी गई जमानत को चुनौती दी है। चैतन्य, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे हैं।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच के सामने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी पेश हुए। उन्होंने बेंच को बताया कि चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद मामले का एक भी अहम गवाह सामने नहीं आ रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इससे जुड़े धनशोधन मामले में चैतन्य बघेल की जमानत को अलग से चुनौती दी है। बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर भी सुनवाई की। सौम्या चौरसिया को कथित शराब घोटाले के मामले में ईडी ने पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया था।
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सौम्या चौरसिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही अन्य मामलों में उन्हें जमानत दे चुका है। अब उन्होंने फिर से नई प्राथमिकी दर्ज की और दिसंबर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह छठी बार है जब उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस पर बेंच ने सौम्या चौरसिया से कहा कि वह जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करें।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा कि वह पिरामल फार्मा लिमिटेड की याचिका पर फैसला करे। यह मामला दहेज स्थित पिरामल की फैक्ट्री को बंद करने के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड एक हफ्ते के भीतर कंपनी की बात सुने और निर्णय ले।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमलय बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने की। पिरामल फार्मा ने पांच फरवरी के गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। गुजरात हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले तीन फरवरी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री बंद करने का नोटिस जारी किया था। कंपनी पर खतरनाक रासायनिक कचरा अवैध रूप से फेंकने का आरोप है। बोर्ड ने बताया कि 30 जनवरी को एक टैंकर पकड़ा गया था। यह टैंकर पिरामल की दहेज फैक्ट्री से हाइड्रोक्लोरिक एसिड का कचरा ले जा रहा था। आरोप है कि टैंकर ने अनुमोदित रास्ते से हटकर गांधीनगर जिले की नर्मदा नहर में रासायनिक कचरा डाला।
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मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच के सामने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी पेश हुए। उन्होंने बेंच को बताया कि चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद मामले का एक भी अहम गवाह सामने नहीं आ रहा है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इससे जुड़े धनशोधन मामले में चैतन्य बघेल की जमानत को अलग से चुनौती दी है। बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की एक अलग याचिका पर भी सुनवाई की। सौम्या चौरसिया को कथित शराब घोटाले के मामले में ईडी ने पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया था।
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सौम्या चौरसिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही अन्य मामलों में उन्हें जमानत दे चुका है। अब उन्होंने फिर से नई प्राथमिकी दर्ज की और दिसंबर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह छठी बार है जब उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस पर बेंच ने सौम्या चौरसिया से कहा कि वह जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करें।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा कि वह पिरामल फार्मा लिमिटेड की याचिका पर फैसला करे। यह मामला दहेज स्थित पिरामल की फैक्ट्री को बंद करने के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड एक हफ्ते के भीतर कंपनी की बात सुने और निर्णय ले।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमलय बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने की। पिरामल फार्मा ने पांच फरवरी के गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। गुजरात हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले तीन फरवरी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री बंद करने का नोटिस जारी किया था। कंपनी पर खतरनाक रासायनिक कचरा अवैध रूप से फेंकने का आरोप है। बोर्ड ने बताया कि 30 जनवरी को एक टैंकर पकड़ा गया था। यह टैंकर पिरामल की दहेज फैक्ट्री से हाइड्रोक्लोरिक एसिड का कचरा ले जा रहा था। आरोप है कि टैंकर ने अनुमोदित रास्ते से हटकर गांधीनगर जिले की नर्मदा नहर में रासायनिक कचरा डाला।