Supreme Court: तिरुर में नहीं रुकेगी वंदे भारत ट्रेन; पीडीपी नेता मदनी केरल में करा सकेंगे इलाज
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को केरल के तिरूर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मदनी को इलाज के लिए केरल जाने की अनुमति दे दी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र को केरल के तिरूर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मदनी को अदालत ने राहत दी है।
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने पीटी शीजिश द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि आप चाहते हैं कि वंदे भारत तिरुर में रुके। हम सरकार को नहीं बताएंगे। यह कार्यपालिका के नीतिगत क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पीठ ने कहा कि याचिका खारिज की जाती है।
पीठ ने रेलवे अधिकारियों को एक प्रतिनिधित्व के रूप में याचिका दायर करने की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि अगर हम अनुमति देंगे तो इसका मतलब यह होगा कि हमने आपकी याचिका में कुछ सकारात्मक देखा।
बता दें, तिरुर केरल के मलप्पुरम जिले का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है और दक्षिणी रेलवे के प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
पीडीपी नेता मदनी इलाज के लिए जाएंगे केरल
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2008 बेंगलुरु सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के अध्यक्ष अब्दुल नसर मदनी को इलाज के लिए केरल जाने और वहां रहने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने मदनी की जमानत शर्त में बदलाव किया है, जिसमें उन्हें मुकदमा पूरा होने तक बेंगलुरु में रहने का निर्देश दिया गया था।
बता दें कि 11 जुलाई 2014 के आदेश में संशोधन करते हुए अदालत ने कहा कि हम आवेदक को इलाज के लिए केरल में अपने गृहनगर की यात्रा करने और वहां रहने की अनुमति देते हैं।
पीठ ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि आवेदक अन्य सभी आवश्यकताओं का पालन कर रहा है, हम निर्देश देते हैं कि अपीलकर्ता 15 दिनों में एक बार कोल्लम जिले में निकटतम पुलिस के स्टेशन हाउस अधिकारी को रिपोर्ट करेगा।