बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, कहा- निजता का अधिकार मौलिक

amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Thu, 24 Aug 2017 10:47 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
सुप्रीम कोर्ट आज इस अहम सवाल पर अपना फैसला सुनाएगा कि निजता का अधिकार, मौलिक अधिकार है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय पीठ आज इस पर अपना फैसला सुनाएगी। दो अगस्त को सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विज्ञापन


सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि निजता को मौलिक अधिकार कहा जा सकता है लेकिन यह पूरी तरह से अनियंत्रित नहीं है यानी शर्त विहीन नहीं है। ऐसे में निजता के अधिकार को पूरी तरह से मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।


निजता को जीवन जीने का अधिकार और स्वतंत्रता के अधिकार के साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता। संविधान सभा में निजता के अधिकार को लेकर चर्चा हुई थी लेकिन इसे संविधान का हिस्सा नहीं बनाया गया। निजता का अधिकार, स्वतंत्रता के अधिकार की ‘उप प्रजाति’ है। लिहाजा हर ‘उप प्रजाति’ को मौलिक अधिकार नहीं कहा जा सकता।

पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोलीं महिलाएं, वहां देर है अंधेर नहीं

मालूम हो कि आधार मामले पर सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय पीठ के पास याचिकाकर्ताओं का दावा किया जा रहा था कि आधार, निजता के अधिकार का उल्लंघन है। पांच सदस्यीय पीठ ने निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, इस मसले पर अंतिम व्यवस्था के लिए इस मसले को नौ सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेज दिया था। 

वर्ष 1950 में आठ सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि निजता का अधिकार, मौलिक अधिकार नहीं है, ऐसे में बड़ी पीठ द्वारा इसका परीक्षण आवश्यक है। पीठ ने कहा कि वर्ष 1950 में एमपी शर्मा और 1960 में खड़क सिंह मामले में दिए फैसलों का परीक्षण जरूरी है। 

करीब एक पखवाड़े तक चली मैराथन सुनवाई में केंद्र सरकार व गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र केरल आदि राज्यों के अलावा याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान, गोपाल सुब्रह्मण्यम आदि ने अपने पक्ष रखे। केंद्र सरकार का कहना था कि निजता का अधिकार तो है लेकिन यह मौलिक अधिकार नहीं है। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us