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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court surprised on verdict Alimony to 20yr old man without marriage

हाईकोर्ट ने दिया बिना शादी ही गुजारा भत्ता देने का आदेश, सुप्रीम कोर्ट हैरान

Sat, 06 Feb 2021 07:01 AM IST
Jeet Kumar राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 06 Feb 2021 07:01 AM IST
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Supreme Court surprised on verdict Alimony to 20yr old man without marriage
supreme court - फोटो : ANI

एक अजीबोगरीब फैसले में 20 वर्षीय युवक को लड़की को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया है। कानूनन जिस उम्र में विवाह नहीं हो सकता, उसके बावजूद एक नहीं, बल्कि दो अदालतों ने ऐसा आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट भी इस आदेश से हैरान है।

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सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जब यह मामला पहुंचा, तो चीफ जस्टिस एस ए बोबडे भी अचरज में पड़ गए। तीन सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस ने अपने दो साथी जजों से भी इस मामले को लेकर चर्चा की, लेकिन सभी इस फैसले से हैरान थे।
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दरअसल वकील रचिता प्रियंका राय ने कहा कि उनका मुवक्किल जब महज 20 वर्ष का था, मार्च 2006 को अपने गांव की ही एक लड़की के साथ भाग गया था। दोनों जमशेदपुर गए और और वहां करीब एक हफ्ते तक साथ रहे।
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याचिका के मुताबिक, इसके बाद दोनों वापस अपने गांव गए। गांव की पंचायत ने दोनों की शादी कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ परिस्थितिवश दोनों की शादी नहीं हो सकी। इसके बाद लड़की ने लड़के के खिलाफ प्रताड़ना और गुजारे भत्ते की मांग के लिए दो मुकदमे दर्ज कराए। लड़की का कहना था कि उसके लिव इन रिलेशन को शादी के संबंध के समान माना जाए।

ट्रायल कोर्ट ने 5000 गुजारा भत्ता देने को कहा
ट्रायल कोर्ट ने लड़की की बातों को स्वीकार करते हुए लड़के को प्रताड़ना के जुर्म में एक वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने लड़के को हर महीने 5,000 रुपये लड़की को गुजारा भत्ता देने के लिए कहा।

ट्रायल कोर्ट के इस आदेश को लड़के ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने शादी न होने की बात मानते हुए आपराधिक मुकदमा तो खत्म कर दिया, लेकिन गुजारा भत्ता देने का आदेश बरकरार रखा।


वकील रचिता ने पीठ के समक्ष हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून 20 वर्ष की उम्र में कोई शादी नहीं कर सकता, तो लड़की के साथ किसी भी संबंध को शादी के समान कैसे माना जा सकता है।

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