Supreme Court: आतंकी सहित 114 दोषियों की माफी याचिका के फैसले में देरी, दिल्ली सरकार को फटकार
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि गफूर समेत 114 दोषियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार के लिए 21 दिसंबर को सजा समीक्षा बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके मिनट्स का मसौदा उपराज्यपाल को देने के लिए दिल्ली सरकार के गृह विभाग को भेजा गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने देश के खिलाफ जंग की साजिश में उम्रकैद की सजा काट रहे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी गफूर समेत 114 दोषियों की माफी याचिका पर निर्णय लेने में देरी पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने 14 वर्ष से अधिक सजा काट चुके उम्रकैद के दोषियों की माफी याचिका यंत्रवत खारिज करने के लिए राज्यों की आलोचना की।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि गफूर समेत 114 दोषियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार के लिए 21 दिसंबर को सजा समीक्षा बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके मिनट्स का मसौदा उपराज्यपाल को देने के लिए दिल्ली सरकार के गृह विभाग को भेजा गया है।
कहा-आदेश का पूर्ण उल्लंघन
इस पर पीठ ने कहा, आप जो कर रहे हैं वह शीर्ष कोर्ट के 11 दिसंबर के आदेश का पूर्ण उल्लंघन है। आपने यह स्पष्ट नहीं किया कि आप किस छूट नीति का पालन कर रहे हैं। जब छूट देने की बात आती है, तो सभी राज्य सरकारें बिना विचार किए छूट के पहले आवेदन को नामंजूर कर देती हैं। शीर्ष कोर्ट ने 114 माफी याचिकाओं पर निर्णय के लिए सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है।