फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court sets aside death penalty awards twenty five years in jail in sexual assault murder case news

SC: यौन उत्पीड़न-हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की मौत की सजा, आरोपी को बिताने होंगे जेल में 25 साल

Tue, 17 Dec 2024 05:56 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 17 Dec 2024 05:56 PM IST
सार

पीठ ने बताया कि वडोदरा जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, जेल में अपीलकर्ता का स्वाभाव बिलकुल सामान्य था। मेंटल हॉस्पिटल की रिपोर्ट से मालूम चलता है कि अपीलकर्ता को वर्तमान में कोई मानसिक समस्या नहीं है।

विज्ञापन
Supreme Court sets aside death penalty awards twenty five years in jail in sexual assault murder case news
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 2016 में एक चार साल के लड़के के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या मामले में आरोपी को दी गई मौत की सजा को रद्द कर दिया। उसे बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसा मामला नहीं था , जहां सुधार की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया जाए। पीठ ने बताया कि यह मामला दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता है। 
विज्ञापन


पीठ ने कहा, "अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए बिना छूट के एक एक निर्धारित अवधि के लिए कारावास की सजा अकेले अपराधी के लिए काफी है। इससे जनता का विश्वास भी कम नहीं होगा।" सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए आरोपी संभुभाई रायसंगभाई पढियार द्वारा दायर अपील पर फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मौत की सजा दी थी।
विज्ञापन


2016 की घटना 
गुजरात के भरूच जिले में 2016 में आरोपी पढियार ने पहले एक चार साल के लड़के का अपहरण किया और बाद में उसका यौन उत्पीड़न कर उसकी हत्या कर दी। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि अपीलकर्ता द्वारा किया गया अपराध उसके शैतानी चरित्र को दर्शाता है। उसने मासूम लड़के को आइसक्रीम को लालच देकर उसका अपहरण किया और बाद में उसका यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी। उसने बेरहमी से मृतक का गला भी दबाया।"
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने बताया कि वडोदरा जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, जेल में अपीलकर्ता का स्वाभाव बिलकुल सामान्य था। मेंटल हॉस्पिटल की रिपोर्ट से मालूम चलता है कि अपीलकर्ता को वर्तमान में कोई मानसिक समस्या नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "मृतक एक छोटा बच्चा था, जो तीन से चार साल का था। जब अपीलकर्ता पीड़ित बच्चे को उसके घर के पास से ले गया होगा तो उसे उम्मीद होगी कि वह व्यक्ति उसे वापस छोड़ जाएगा।" 


अदालत ने रद्द की मौत की सजा
अदालत ने आरोपी की मौत की सजा रद्द करने का फैसला सुनाया और उसे बिना छूट के 25 साल जेल की सजा सुना दी। इसके साथ ही आरोपी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा उस पर लगाए 25000 रुपये के जुर्माने को भी रद्द कर दिया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed