फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court set aside Delhi High Court verdict in favour of Montecarlo limited for construction of Depot of Bullet Train Project

सुप्रीम कोर्ट: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के डिपो निर्माण के लिए इंफ्रा फर्म की बोली पर विचार करने के हाईकोर्ट के आदेश को किया दरकिनार

Mon, 31 Jan 2022 10:43 PM IST
गौरव पाण्डेय राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 31 Jan 2022 10:43 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जापान की ओर से वित्त पोषित बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर अहम टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद रेल परियोजना को लेकर ऋण विलेख समेत समझौतों की नियमों और शर्तों का उल्लंधन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। 

विज्ञापन
Supreme Court set aside Delhi High Court verdict in favour of Montecarlo limited for construction of Depot of Bullet Train Project
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को दरकिनार कर दिया जिसमें नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के संबंध में एक डिपो के निर्माण और विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी मोंटेकार्लो लिमिटेड की बोली पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। न्यायाधीश एमआर शाह और एएस बोपन्ना की पीठ ने यह कहते हुए कि यह परियोजना 'राष्ट्रीय महत्व' की है, हाईकोर्ट के अगस्त 2021 के फैसले को रद्द कर दिया।

विज्ञापन

 
एनएचएसआरसीएल ने मोंटेकार्लो की बोली को अस्वीकार कर दिया था और एससीसीवीआरएस-जेवी को ठेका दिया था। मोंटेकार्लो ने तब दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मोंटेकार्लो ने अपनी याचिका में कहा था कि बोली को खारिज करते समय कोई कारण नहीं बताया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद रेल परियोजना को लेकर ऋण विलेख समेत समझौतों की नियमों-शर्तों का उल्लंघन करने की अनुमति किसी कंपनी और यहां तक कि भारत सरकार को भी नहीं दी जा सकती है। 
विज्ञापन


बुलेट ट्रेन परियोजना जापान के साथ साझेदारी में 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। इस परियोजना के 2022 तक 1.10 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से पूरा होने की उम्मीद थी। यह बताया गया है कि परियोजना के लिए गुजरात और महाराष्ट्र में लगभग 1400 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। लगभग 6000 भूमालिकों को मुआवजा देना होगा। 2019 में गुजरात हाईकोर्ट ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली किसानों और भूमालिकों द्वारा दायर विभिन्न याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed