फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court sent notice of contempt to the Director and Deputy Director of Education Rajasthan

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के शिक्षा निदेशक और उप निदेशक को भेजा अवमानना का नोटिस

Sun, 09 May 2021 01:47 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 09 May 2021 01:47 AM IST
सार

जस्टिस आरएफ नारीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

विज्ञापन
Supreme Court sent notice of contempt to the Director and Deputy Director of Education Rajasthan
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करना राजस्थान के शिक्षा विभाग को महंगा पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा विभाग के निदेशक(प्राथमिक शिक्षा) और उप निदेशक(प्राथमिक शिक्षा) जिला शिक्षा अधिकारी(प्राथमिक शिक्षा), झुनझुनु से पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए?

विज्ञापन


जस्टिस आरएफ नारीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। हालांकि पीठ ने अधिकारियों को निजी पेशी से छूट प्रदान कर दी है। दरअसल, बिश्वम्भर लाल माहेश्वरी एडुकेशन फाउंडेशन एक सरकारी सहायताप्राप्त शिक्षण संस्थान था जो कुछ वर्ष चलने के बाद बंद हो गया था। इस संस्थान को सरकार को 70 फीसदी सहायता मिलती थी।
विज्ञापन


छात्रों की संख्या कम होने से लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए फॉउंडेशन ने संस्थान को बंद करने का निर्णय लिया गया और शिक्षा विभाग से सहायता न देने के लिए कहा। कुछ समय बाद संस्थान में ताला लग गया। जिसके बाद शिक्षक ने बकाये वेतन, भत्ते आदि के लिए ट्रिब्यूनल का रुख किया। ट्रिब्यूनल ने संस्थान को शिक्षकों को बकाया चुकाने के लिए कहा। संस्थान ने शिक्षकों को तमाम बकाया चुकता कर दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सितम्बर, 2019 में राजस्थान शिक्षा विभाग से 70 फीसदी रकम(सहायता के तौर पर सरकार से मिलने वाली राशि) संस्थान को वापस देने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


फाउंडेशन की और से पेश वकील दुष्यंत परासर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि दो बार लीगल नोटिस भेजने के बावजूद शिक्षा विभाग  के कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद उन्होंने अवमानना याचिका दायर की। परासर ने यह भी कहा कि जानबूझकर आदेश का पालन नही किया जा रहा है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तमाम प्रतिवादियों को अवमानना नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed