{"_id":"6047ec818ebc3ed3802f90f8","slug":"supreme-court-seeks-response-from-center-on-notification-granting-exemption-from-eia","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट : 100 किमी तक की सड़क परियोजनाओं के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन से छूट पर केंद्र को नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट : 100 किमी तक की सड़क परियोजनाओं के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन से छूट पर केंद्र को नोटिस
Wed, 10 Mar 2021 03:16 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 10 Mar 2021 03:16 AM IST
विज्ञापन
supreme court
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है, जिसमें 100 किमी तक की सड़क परियोजनाओं के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) से छूट की अधिसूचना को चुनौती दी गई है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए दो हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
विज्ञापन
हालांकि शीर्ष अदालत पहले ही पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की इस अधिसूचना पर नाराजगी जाहिर कर चुकी है। शीर्ष अदालत ने तो यहां तक कहा था कि हमारे हिसाब से यह प्रावधान बनाए रखने योग्य नहीं है।
विज्ञापन
बहरहाल, इस मामले में किसी भी तरह का निर्णय लेने से पहले सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार का रुख जानना चाहती है। पीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को मुहैया कराने के लिए कहा है।
पेड़ों को काटने के लिए मानदंड तैयार करने में विशेषज्ञों के नाम सुझाएं
पीठ ने केंद्र, पश्चिम बंगाल सरकार और याचिकाकर्ता संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म को विभिन्न परियोजनाओं के लिए पेड़ों के काटने के लिए मानदंड तैयार करने के लिए प्रस्तावित विशेषज्ञ समिति के सदस्यों के लिए नाम सुझाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में गठित एक विशेषज्ञ समिति ने पेड़ों का मूल्यांकन कर पिछले दिनों एक रिपोर्ट सौंपी थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि पेड़ का आर्थिक मूल्य एक वर्ष में 74,500 रुपये होता है। पेड़ जितना वर्ष पुराना हो, उसके आर्थिक मूल्य को हर साल 74,500 रुपये से गुणा किया जाना चाहिए। इसमें से अकेले ऑक्सीजन की कीमत 45,000 रुपये है। इसके बाद जैव-उर्वरकों की लागत 20,000 रुपये होती है।