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सुप्रीम कोर्ट : औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर सुनवाई दीवानी अदालत के क्षेत्राधिकार से है बाहर

Sat, 09 Oct 2021 06:44 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 09 Oct 2021 06:44 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दीवानी अदालतों के पास सेवा मामलों में सीमित क्षेत्राधिकार हो सकता है, लेकिन अनुशासनात्मक प्राधिकारी के आदेश पर फैसला देने का अधिकार नहीं है। पीठ ने कहा, जब एक वादी किसी आम मसले पर कानूनी उपाय चाहता है, तो वह या तो दीवानी या औद्योगिक अदालत में से एक को चुन सकता है।
 

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Supreme Court says the hearing is out of the jurisdiction of the civil court based on the provisions of the Industrial Disputes Act
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर किए गए मुकदमे पर सुनवाई दीवानी अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को एक व्यक्ति की तरफ से उसकी बर्खास्तगी के आदेश को दी गई चुनौती की अपील को खारिज कर दिया।

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न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि दीवानी अदालतों के पास सेवा मामलों में सीमित क्षेत्राधिकार हो सकता है, लेकिन अनुशासनात्मक प्राधिकारी के आदेश पर फैसला देने का अधिकार नहीं है। पीठ ने कहा, जब एक वादी किसी आम मसले पर कानूनी उपाय चाहता है, तो वह या तो दीवानी या औद्योगिक अदालत में से एक को चुन सकता है।
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इसके साथ ही पीठ ने पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि जिस मामले की सुनवाई अदालत के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है, उस पर फैसला कानूनी महत्व नहीं रखता है। अधिकार क्षेत्र पर भी  आपत्ति उठाई गई थी, फिर भी प्रतिवादी के खिलाफ आदेश दिया गया। 
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यह था मामला
अदालत हिमाचल राज्य बिजली बोर्ड के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मिल्खी राम की तरफ से दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसकी सेवाओं को कार्यकारी अभियंता ने खत्म कर दिया था। इस आदेश को दीवानी अदालत में चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया था कि उसने एक वर्ष में 240 दिनों से अधिक के लिए सेवा प्रदान की थी और इसलिए उसकी सेवा समाप्त नहीं की जा सकती थी। निचली अदालत ने वादी को पिछली मजदूरी के साथ बहाल करने व नियमितीकरण का आदेश दिया था।

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