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दो चैनलों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा-देशद्रोह की सीमा तय करने का वक्त आया
Mon, 31 May 2021 03:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 31 May 2021 03:53 PM IST
सार
देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज करने के बढ़ते चलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम बात कही। शीर्ष कोर्ट ने आंध्र सरकार को आदेश दिया किया कि वह दो तेलुगु चैनलों पर देशद्रोह को लेकर दंडात्मक कार्रवाई न करे।
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारतीय दंड विधान में शामिल देशद्रोह की धारा के तहत केस दर्ज करने के बढ़ते मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ी बात कह दी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि समय आ गया है जब हम देशद्रोह की सीमा को परिभाषित करें। कोर्ट ने यह टिप्पणी आंध्र प्रदेश के दो तेलुगु चैनलों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाते हुए की।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि उसे समाचार चैनलों-टीवी 5 और एबीएन आंध्र ज्योति के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाना चाहिए। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'आंध्र प्रदेश सरकार चैनलों के खिलाफ देशद्रोह के मामले दर्ज कर उनको दबा रही है। यह समय है कि अदालत देशद्रोह को परिभाषित करे।'
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न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की अध्यक्षता वाली एक विशेष पीठ ने इन चैनलों की याचिकाओं पर राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा। इन चैनलों के खिलाफ राजद्रोह सहित विभिन्न अपराधों के लिए आरोप लगाए गए हैं। इस पीठ में न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट भी शामिल हैं। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उस एफआईआर से संबंधित समाचार चैनलों के कर्मचारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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प्रेस की आजादी के संदर्भ में धारा 124 ए और 153 की व्याख्या की जरूरत
शीर्ष कोर्ट ने कहा, 'हमारा मानना है कि भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों - 124ए (राजद्रोह) और 153 (विभिन्न वर्गों के बीच कटुता को बढ़ावा देना) की व्याख्या की जरूरत है, खासकर प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर।'
बागी सांसद राजू की टिप्पणियों को दिखाया था
उक्त समाचार चैनलों ने आंध्र में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के बागी सांसद के रघु राम कृष्ण राजू के 'आपत्तिजनक' भाषण का प्रसारण किया था। इसलिए राज्य सरकार ने उन चैनलों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया था। सांसद राजू अपनी ही सरकार की कोविड नीतियों के आलोचना कर रहे हैं। इस पर वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने राजू को भी देशद्रोह के आरोप में केस दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। राजू को 21 मई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
चैनल पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट
आंध्र के उक्त दोनों समाचार चैनलों ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट की याचिका दायर की थी कि आंध्र सरकार ने हाल ही में कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें सरकारों को कोविड महामारी से संबंधित शिकायतें करने वाले नागरिकों को दंडित नहीं करने का निर्देश दिया गया था।