फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court said there are not enough lawyers to serve in the higher judiciary

Supreme Court: उच्च न्यायालयों की सेवा के लिए नहीं मिल रहे पर्याप्त वकील, सुप्रीम कोर्ट ने निराशा जताई

Thu, 17 Nov 2022 10:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 17 Nov 2022 10:34 PM IST
सार

चीफ जस्टिस जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच हाल ही में राजस्थान में उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा के कई असफल उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बेंच ने याचिका पर विचार करने से इनकार किया। 

विज्ञापन
Supreme Court said there are not enough lawyers to serve in the higher judiciary
सुप्रीम कोर्ट

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उच्च न्यायालयों में अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों (एडीजे) के तौर पर 'लेटरल एंट्री' के लिए पर्याप्त योग्य वकील न मिलने को लेकर निराशा जताई। एडीजे के रूप में उच्चतर न्यायिक सेवाओं (एचजेएस) में लेटरल एंट्री के लिए कम से कम सात साल के अनुभव वाले वकील ही प्रतियोगी परीक्षा दे सकते हैं। 

विज्ञापन


चीफ जस्टिस (सीजेआई) जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच हाल ही में राजस्थान में उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा के कई असफल उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बेंच ने याचिका पर विचार करने से इनकार किया और उम्मीदवारों को उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) जाने की सलाह दी। इस बेंच में जस्टिस चंद्रचूड़ के अलवा जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस जे. बी. पारदीवाला भी शामिल थे। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका सुविचारित मत है कि राजस्थान उच्च न्यायालय में संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत इस तरह की चुनौती दी जा सकती है। शीर्ष कोर्ट ने आगे कहा, वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक पूर्व जज द्वारा कराई जानी चाहिए..हम याचिकाकर्ता के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय जाने का रास्ता खुला छोड़ते हैं। हम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि अगर इस तरह की याचिका दायर की जाती है, तो एक पीठ का गठन किया जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के शुरुआत में कहा, हमें देशभर में उच्च न्यायिक सेवाओं में लेटरल एंट्री के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। महाराष्ट्र और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अपने अनुभव से मैं आपको बता सकता हूं कि हमें उम्मीदवार नहीं मिलते। हम चाहते हैं कि वकील उच्च न्यायिक सेवाओं में शामिल हों। 

सीजेआई ने आगे कहा, विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों ने बताया है कि उन्हें पर्याप्त वकील नहीं मिल रहे हैं, जो लेटरल एंट्री के जरिए एचजेएस में सेवा करना चाहते हैं। 

अमेजन-फ्यूचर ग्रुप विवाद में एसआईएसी की मध्यस्थता कार्यवाही रोकने से इन्कार
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कर दिया कि वह अमेजन और फ्यूचर समूह के बीच चल रहे कानूनी झगड़े से जुड़े सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) में लंबित मध्यस्थता कार्यवाही को रोकने की अनुमति नहीं देगा। अदालत ने कहा, मध्यस्थता कार्यवाही जारी रखना जरूरी है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा, आप (फ्यूचर समूह और अन्य) मध्यस्थ न्यायाधिकरण के समक्ष कार्यवाही को लगातार खराब नहीं कर सकते हैं। ये सभी प्रतिष्ठित पक्षों की मध्यस्थता की कार्यवाही में देरी करने की चालें हैं। आपका मुवक्किल ज्यादा चालाक बनने की कोशिश कर रहा है। 

सीजेआई ने कहा, वह बतौर सीजेआई इस बात को लेकर अधिक चिंतित हैं, क्योंकि यहां दावा इस बात पर है कि देश में कानून का शासन है। पीठ ने कहा, आप हालांकि मध्यस्थता कार्यवाही के नतीजों को हर हाल में चुनौती दे सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दिरिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के 24,731 करोड़ रुपये के विलय सौदे पर अमेजन और फ्यूचर समूह के बीच चल रहे कानूनी झगड़े पर दलीलों के एक बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।


सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत रद्द की
सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत बृहस्पतिवार को यह कहते हुए रद्द का दी कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले में कई खामियां हैं। जस्टिस एमआर शाह और हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने आरोपों और अपराधों की गंभीरता पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया है। कोर्ट ने कहा कि शिकायत दर्ज करने में कुछ देरी हो सकती थी, क्योंकि कथित पीड़िता को सदमे से बाहर निकलने में कुछ समय लग सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed