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सरकार को एनएच परियोजना के लिए पूर्व पर्यावरण मंजूरी जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
Wed, 09 Dec 2020 02:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Dec 2020 02:38 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने विकास परियोजनाओं की बाधा दूर करते हुए केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा है कि सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के एलान करने या जमीन अधिग्रहण करने से पहले पर्यावरणीय मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने चेन्नई-सलेम आठ लेन ग्रीन कॉरीडोर प्रोजेक्ट के लिए 10,000 करोड़ की जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना को बरकरार रखते हुए यह अहम फैसला सुनाया है।
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जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व मंजूरी जरूरी होने के फैसले का परीक्षण करते हुए एनएच एक्ट 1956 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत यह टिप्पणी की है।
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अधिसूचना में कहा गया था कि हाईकोर्ट का अप्रैल 2019 का फैसला भारतमाला परियोजना के मामले में गैरकानूनी और खराब है। जस्टिस खानविलकर ने अपने फैसले में कहा, 1956 के कानून में ऐसा कुछ नहीं है, जो केंद्र सरकार को पर्यावरण की पूर्व मंजूरी लेने के लिए बाध्य करे।