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फटकार: सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई 51 खंड की याचिका, मुख्य न्यायाधीश ने पूछा- क्या आप हमें डराना चाहते हैं?
Fri, 06 Aug 2021 01:20 PM IST
अभिषेक दीक्षित
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:20 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट में एक शख्स ने 51 खंडों की याचिका दायर की, जिस पर मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलों को अदालत लाने के लिए हमें 'लॉरी' करनी पड़ी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शुक्रवार को दो ऐसे मुकदमे आए जिसमें याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर किए गए भारी भरकम दस्तावेजों से उनका दिमाग चकरा गया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि क्या आप भारी भरकम दस्तावेजों के जरिए हमें आतंकित करना चाहते हैं। वहीं, एक मामले में कोर्ट ने यह भी कहा कि आपकी फाइलों को अदालत लाने के लिए हमें 'लॉरी' करनी पड़ी।
पहला मामला ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन की अपील से संबंधित था। चीफ जस्टिस एनवी रमण ने याचिकाकर्ता से कहा, 'आपने 51 खंड दाखिल किए हैं। आपकी फाइलों को अदालत तक ले जाने के लिए हमें एक लॉरी लेनी पड़ी। क्या आप हमें आतंकित करना चाहते हैं? यदि आप चाहते हैं कि हम आपके मामले को सुनें, तो आप फाइलों की संख्या कम करें।'
वहीं, दूसरा मामला कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) जांच के खिलाफ अमेजन और फ्लिपकार्ट से संबंधित था। चीफ जस्टिस ने कहा, 'आप बड़ी मात्रा में दस्तावेज रख कर जजों को आतंकित करना चाहते हैं। आप नहीं चाहते कि जज फाइलें पढ़कर कोर्ट आएं।
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पहला मामला ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन की अपील से संबंधित था। चीफ जस्टिस एनवी रमण ने याचिकाकर्ता से कहा, 'आपने 51 खंड दाखिल किए हैं। आपकी फाइलों को अदालत तक ले जाने के लिए हमें एक लॉरी लेनी पड़ी। क्या आप हमें आतंकित करना चाहते हैं? यदि आप चाहते हैं कि हम आपके मामले को सुनें, तो आप फाइलों की संख्या कम करें।'
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वहीं, दूसरा मामला कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) जांच के खिलाफ अमेजन और फ्लिपकार्ट से संबंधित था। चीफ जस्टिस ने कहा, 'आप बड़ी मात्रा में दस्तावेज रख कर जजों को आतंकित करना चाहते हैं। आप नहीं चाहते कि जज फाइलें पढ़कर कोर्ट आएं।
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