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सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट पर सुरक्षित रखा आदेश

Wed, 01 May 2019 12:28 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 01 May 2019 12:28 PM IST
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Supreme Court reserves order on number of review petitions against SC-ST Act
उच्चतम न्यायालय (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीश अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली दो जजो की बेंच ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के खिलाफ दायर बहुत सारी पुनर्विचार याचिकाओं को लेकर आज अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस पीठ में न्यायाधीश उदय उमेश ललित भी शामिल थे। यह याचिका अदालत द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति (उत्पीड़न) संशोधन कानून, 2018 को कमजोर करने के खिलाफ दायर की गई हैं।

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इस मामले पर इससे पहले 27 मार्च को भी सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने बीते मंगलवार को कहा था कि इस मामले की अंतिम सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। गत 20 मार्च को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के हो रहे दुरूपयोग के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम के तहत मिलने वाली शिकायत पर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
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साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा था कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामले के आरोपियों के लिए भी अग्रिम जमानत का प्रावधान होना चाहिए। लेकिन बाद में सरकार ने कानून में संशोधन कर लगभग पहले जैसे स्थिति बहाल कर दी थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई। वहीं 20 मार्च के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार समेत अन्य ने पुनर्विचार याचिकाएं भी दायर की हैं।

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