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SC: अब थर्ड पार्टी बीमा के लिए पीयूसी प्रमाणपत्र जरूरी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश में लगाई शर्त हटाई
Sun, 28 Jul 2024 04:48 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 28 Jul 2024 04:48 AM IST
सार
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि थर्ड पार्टी बीमा के बिना दुर्घटना पीड़ितों को सीधे वाहन मालिकों से मुआवजा मांगने की आवश्यकता है, जिनके पास अक्सर भुगतान की क्षमता नहीं होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पीयूसी प्रमाणपत्र की जरूरत के कारण कई वाहन मालिक थर्ड पार्टी बीमा भी नहीं कराते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में लगाई उस शर्त को हटा दिया, जिसके तहत वाहनों को थर्ड पार्टी बीमा का लाभ उठाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र की जरूरत थी। 10 अगस्त, 2017 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह शर्त लगाई थी। जस्टिस एएस ओका व जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के एक आवेदन को मंजूर कर लिया, जिसमें इस आदेश के बारे में चिंताएं उजागर की गई थीं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि थर्ड पार्टी बीमा के बिना दुर्घटना पीड़ितों को सीधे वाहन मालिकों से मुआवजा मांगने की आवश्यकता है, जिनके पास अक्सर भुगतान की क्षमता नहीं होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पीयूसी प्रमाणपत्र की जरूरत के कारण कई वाहन मालिक थर्ड पार्टी बीमा भी नहीं कराते हैं। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मेहता की दलीलों से सहमत पीठ ने 2017 के आदेश में लगाई गई शर्त हटा ली।
रिमोट सेंसिंग तकनीक के इस्तेमाल का सुझाव
शीर्ष कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वाहनों को ट्रैक करने के लिए पीयूसी के साथ रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग का सुझाव दिया। दरअसल, न्याय मित्र वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि रिमोट सेंसिंग तकनीक के जरिये चलते वाहनों के कई पैरामीटर मापा जा सकेंगे।
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष कहा कि थर्ड पार्टी बीमा के बिना दुर्घटना पीड़ितों को सीधे वाहन मालिकों से मुआवजा मांगने की आवश्यकता है, जिनके पास अक्सर भुगतान की क्षमता नहीं होती है। उन्होंने यह भी कहा कि पीयूसी प्रमाणपत्र की जरूरत के कारण कई वाहन मालिक थर्ड पार्टी बीमा भी नहीं कराते हैं। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मेहता की दलीलों से सहमत पीठ ने 2017 के आदेश में लगाई गई शर्त हटा ली।
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रिमोट सेंसिंग तकनीक के इस्तेमाल का सुझाव
शीर्ष कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वाहनों को ट्रैक करने के लिए पीयूसी के साथ रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग का सुझाव दिया। दरअसल, न्याय मित्र वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि रिमोट सेंसिंग तकनीक के जरिये चलते वाहनों के कई पैरामीटर मापा जा सकेंगे।
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