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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दो बच्चों को अनिवार्य बनाने वाली याचिका

Fri, 09 Mar 2018 01:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Mar 2018 01:07 PM IST
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Supreme Court rejected the two child plea filed by activist anupama bajpai
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दो बच्चों वाली पॉलिसी को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इस याचिका को समाजिक कार्यकर्ता अनुपमा बाजपेई ने दायर किया था। उनका कहना था कि जो कपल केवल दो बच्चों के लिए मान जाते हैं उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए जबकि इसका उल्लंघन करने वालों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित किया जाए।

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वकील शिव कुमार त्रिपाठी के माध्यम से अनुपमा वाजपेयी की इस याचिका में कहा गया कि चीन की तर्ज पर भारत में भी दो बच्चों की पॉलिसी बननी चाहिए और इस पॉलिसी का उल्लंघन करने वालों के लिए दंड का प्रावधान होना चाहिए। याचिका में कहा गया था कि प्राकृतिक संसाधन, कृषि योग्य भूमि, जंगल आदि कम हो रहे हैं। पानी की कमी हो रही है। ये तमाम समस्याएं जनसंख्या में वृद्धि के कारण हो रही हैं। लिहाजा अधिकतम दो बच्चों की पॉलिसी लानी चाहिए और उन लोगों को ही सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए जिनके अधिकतम दो बच्चे हों।
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बाजपेयी ने शिव कुमार द्वारा दायर की गई याचिका में कहा था कि नागरिकों को केवल दो बच्चों को जन्म देने की सीमा होनी चाहिए। ऐसा ना करने वालों को सरकार की सुविधाओं और दूसरे फायदों से अयोग्य करार दे दिया जाए। याचिका में यह भी कहा गया था कि यदि मौजूदा पीढ़ी की मानसिकता में बदलाव नहीं किया गया तो इसका असर भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ेगा। याचिका में कोर्ट से कहा गया था कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह लोगों को दो बच्चों की पॉलिसी के लिए प्रेरित किया जाए।
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