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केंद्रीय मंत्री को राहत: अगर वीके सिंह अच्छे मंत्री नहीं हैं तो यह पीएम को देखना है, जानें सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा

Fri, 02 Jul 2021 12:38 PM IST
प्रशांत कुमार राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 02 Jul 2021 12:38 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह को बड़ी राहत मिली है। एलएसी पर वीके सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग वाली एक जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है । 

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Supreme Court rejected  plea over vk singh controversial statement on indo china border lac
वी के सिंह - फोटो : ANI

विस्तार

 सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारत-चीन एलएसी मुद्दे पर कुछ टिप्पणी करके कथित तौर पर पद की शपथ का उल्लंघन करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री, जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस एन वी रमण, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि अगर सिंह ने कुछ किया है तो यह प्रधानमंत्री को देखना है और शीर्ष अदालत कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। यह कहते हुए पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखरन रामास्वामी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता ने विभिन्न घटनाओं का हवाला दिया था जब सिंह ने विवादास्पद बयान दिए। 

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जनहित याचिका में कहा गया था कि सेवानिवृत्त जनरल ने दावा किया था कि भारत ने अपनी धारणा के अनुसार कई बार (एलएसी) का उल्लंघन किया है। इस बयान का इस्तेमाल चीनियों ने अपने फायदे के लिए किया और भारत को उसके कथित क्षेत्र पर अतिक्रमण करने के लिए दोषी ठहराया।  सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा, 'यदि आपको किसी मंत्री का बयान पसंद नहीं है, तो आप एक याचिका दायर करते हैं और उसे हटाने के लिए कहते हैं।' पीठ ने कहा, 'अगर वह अच्छे मंत्री नहीं हैं तो प्रधानमंत्री इस पर गौर करेंगे।' 
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वी के सिंह की टिप्पणी का विरोध
याचिका में सिंह की इस टिप्पणी का विरोध किया गया था कि भारत ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की तुलना में एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के पार अधिक बार अतिक्रमण किया है, जिससे न केवल चीन को एक अवसर मिला बल्कि इस विषय पर भारत की लंबे समय से चली आ रही आधिकारिक स्थिति का भी खंडन किया।

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