{"_id":"602be906136f6613de0f2fbf","slug":"supreme-court-registers-suo-moto-criminal-contempt-case-against-rajdeep-sardesai-over-tweets-against-judiciary","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजदीप सरदेसाई के ट्वीट पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, अवमानना का मुकदमा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राजदीप सरदेसाई के ट्वीट पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, अवमानना का मुकदमा
Tue, 16 Feb 2021 09:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 16 Feb 2021 09:31 PM IST
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्चतम न्यायालय ने न्यायपालिका के संबंध में कथित आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना मामला दर्ज किया है। यह मामला आस्था खुराना द्वारा अधिवक्ता ओम प्रकाश परिहार के जरिए दायर एक याचिका के बाद दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत सरदेसाई के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए देश के प्रधान न्यायाधीश से अनुरोध किया गया है। अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने 17 सितंबर 2020 को सरदेसाई के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया है कि मौजूदा अवमानना याचिका देश के संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत याचिकाकर्ता द्वारा प्रतिवादी के खिलाफ दायर की जा रही है। यह याचिका इस न्यायालय द्वारा पारित प्रत्येक आदेश पर टिप्पणियों को लेकर है जिससे देश के नागरिकों के मन में उच्चतम न्यायालय की छवि खराब होती है।
विज्ञापन
संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय रिकार्ड न्यायालय होगा और उसको अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति सहित ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियां होंगी।
याचिका में कहा गया है कि सर्वोच्च अदालत ने अतीत में विभिन्न ऐतिहासिक फैसले पारित किए हैं और कथित प्रतिवादी ने प्रत्येक फैसले पर विभिन्न अपमानजनक टिप्पणियां की हैं और अदालत की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
याचिका में अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर अदालत की अवमानना के लिए एक रुपये का जुर्माना लगाने के न्यायालय के फैसले के संबंध में सरदेसाई द्वारा 31 अगस्त, 2020 को किए गए ट्वीट का हवाला दिया गया है।