तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से मिला झटका, चलेगा यौन उत्पीड़न का केस
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उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने गोवा की निचली अदालत में अपने ऊपर तय आरोप को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने तेजपाल के खिलाफ ट्रायल जारी रखते हुए निचली अदालत को छह महीने के अंदर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि यह पीड़िता की निजता पर हमला था। तेजपाल पर 2013 में अपनी सहकर्मी का शोषण करने का आरोप लगा था।
Sexual assault case against journalist Tarun Tejpal: Supreme Court says the trial in the case is to be concluded in a period of six months https://t.co/LXVDiHhlNP
— ANI (@ANI) August 19, 2019विज्ञापन
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के नेतृत्व वाली एक पीठ ने गोवा की निचली अदालत को तेजपाल के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर छह महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया।
तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल के एलिवेटर में अंदर पूर्व महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था। तहलका पत्रिका के संस्थापक ने हालांकि इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद तेजपाल को अपराध शाखा ने 30 नवम्बर 2013 को गिरफ्तार किया था। वह मई 2014 से जमानत पर बाहर हैं।