फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court refuses to interfere with Jharkhand High Court granting bail to JMM Leader CM Hemant Soren news

SC: सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को जमानत देने के हाईकोर्ट के फैसले में दखल से किया इनकार, ED की याचिका खारिज

Mon, 29 Jul 2024 01:14 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 29 Jul 2024 01:14 PM IST
सार

ईडी ने सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट की तरफ से दी गई जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। 

विज्ञापन
Supreme Court refuses to interfere with Jharkhand High Court granting bail to JMM Leader CM Hemant Soren news
हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर सुप्रीम सुनवाई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राहत मिली है। दरअसल, ईडी ने सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट की तरफ से दी गई जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार करते हुए ईडी की याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन ने इस मामले में 31 जनवरी को ईडी की गिरफ्तारी से कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हाईकोर्ट ने 28 जून को सोरेन को जमानत दी थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोरेन ने 4 जुलाई को फिर से सीएम पद की शपथ ली। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने दलील दी थी कि अगर सोरेन को जमानत पर रिहा किया गया तो वह इसी तरह का अपराध कर सकते हैं और उन्होंने एससी/एसटी पुलिस थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों का हवाला दिया था।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला?
सोरेन के खिलाफ जांच रांची में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ी है। ईडी का आरोप है कि इसे अवैध रूप से कब्जे में लिया गया था। एजेंसी ने सोरेन, प्रसाद और सोरेन के कथित 'फ्रंटमैन' राज कुमार पाहन और हिलारियास कच्छप तथा पूर्व मुख्यमंत्री के कथित सहयोगी बिनोद सिंह के खिलाफ 30 मार्च को यहां विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दायर किया था। सोरेन ने रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित और उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईडी ने रांची में स्थित जमीन भी कुर्क की है और अदालत से भूखंड जब्त करने का अनुरोध किया है। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच झारखंड पुलिस की ओर से राज्य सरकार के अधिकारियों सहित कई लोगों के खिलाफ भूमि घोटाले के मामलों में दर्ज कई एफआईआर से संबंधित है। मामले में मुख्य आरोपी प्रसाद है, जो सरकारी रिकॉर्ड का संरक्षक था। ईडी ने एक बयान में कहा था कि उन पर आरोप है कि उन्होंने सोरेन समेत कई लोगों को भू-संपत्तियों के रूप में अवैध कब्जे, अधिग्रहण और अपराध से प्राप्त धन रखने से जुड़ी गतिविधियों में सहायता करके अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। ईडी ने दावा किया था कि झारखंड में भू-माफिया का एक रैकेट सक्रिय है जो रांची में जमीन के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed