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सुप्रीम कोर्ट ने आदमखोर बाघिन को गोली मारने या बेहोश करने के फैसला पर दखल देने से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:25 PM IST
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महाराष्ट्र की इस आदमखोर बाघिन को ट्रैंक्युलाइज (बेहोश) किया जाए या गोली मार दी जाए, अब यह फैसला वन विभाग को करना है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका मंगलवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने आदमखोर बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने और इसमें नाकाम रहने पर उसे गोली मार देने का निर्णय वन विभाग पर छोड़ दिया था। मामला महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रालेगांव वन क्षेत्र की टी-1 बाघिन को लेकर है, जिसे आदमखोर घोषित किया जा चुका है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह बाघिन अब तक नौ लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। हाल ही में इसने अपने दो शावकों के साथ एक व्यक्ति का शिकार किया और उसके शव को 60 प्रतिशत तक खा गई।
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पिछले महीने ही इस बाघिन ने तीन लोगों को अपना शिकार बनाया था। पशु अधिकार और वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में बाघिन के लिए दया याचिका दायर की थी।
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हाईकोर्ट ने आदमखोर बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने और इसमें नाकाम रहने पर उसे गोली मार देने का निर्णय वन विभाग पर छोड़ दिया था। मामला महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रालेगांव वन क्षेत्र की टी-1 बाघिन को लेकर है, जिसे आदमखोर घोषित किया जा चुका है।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह बाघिन अब तक नौ लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। हाल ही में इसने अपने दो शावकों के साथ एक व्यक्ति का शिकार किया और उसके शव को 60 प्रतिशत तक खा गई।
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पिछले महीने ही इस बाघिन ने तीन लोगों को अपना शिकार बनाया था। पशु अधिकार और वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में बाघिन के लिए दया याचिका दायर की थी।