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Supreme Court : कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की एसआईटी जांच की याचिका सुनने से इनकार, टपलू ने वापस ली अर्जी

Mon, 19 Sep 2022 11:56 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 19 Sep 2022 11:56 AM IST
सार

टीका लाल टपलू की कश्मीर में हुए नरसंहार के दौरान जेकेएलएफ के आतंकियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। याचिका में कहा गया था कि 32 साल बीत गए हैं, परिवार को यह भी नहीं पता कि मामले में किस तरह की जांच हुई।

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Supreme Court refuses to entertain SIT probe demand for Taploo killing
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने आज 1989 में हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की एसआईटी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका नरसंहार में मारे गए टीका लाल टपलू के बेटे आशुतोष टपलू ने दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर उन्होंने यह याचिका वापस ले ली। 

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शीर्ष कोर्ट ने टपलू से कहा कि वे यह मांग उपयुक्त मंच पर करें। टीका लाल टपलू की कश्मीर में हुए नरसंहार के दौरान जेकेएलएफ के आतंकियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। याचिका में कहा गया था कि 32 साल बीत गए हैं, परिवार को यह भी नहीं पता कि मामले में किस तरह की जांच हुई। परिवार को एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी गई।
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याचिकाकर्ता ने 1984 सिख नरसंहार के तीन दशक बाद जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित एसआईटी का भी हवाला दिया और टपलू की हत्या की एसआईटी जांच की मांग की। कोर्ट ने कहा कि हमने पहले इससे मिलती-जुलती याचिका खारिज की है। अब इसे नहीं सुन सकते। 
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