26 जनवरी को हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार, कहा-सरकार को दीजिए ज्ञापन
गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दखल देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हिंसा में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सरकार मामले को देख रही है। इस बारे में सरकार को ज्ञापन दीजिए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आपको जो भी कहना है, आप सीधे सरकार को ज्ञापन दीजिए। देश के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा, '' सरकार मामले को देख रही है और कानून अपना काम करेगा। हमने पीएम का भी बयान देखा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। कानून अपना काम करेगा। हम दखल नहीं देना चाहते। आप सरकार को ज्ञापन दें।''
Supreme Court refuses to entertain clutch of petitions demanding investigations into the tractor rally violence in the national capital on Republic Day.
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The Supreme court allows petitioners to file representation before the government. pic.twitter.com/LgEi8M7y2k — ANI (@ANI) February 3, 2021
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मीडिया को बिना किसी सबूत के किसानों को आतंकवादी घोषित नहीं करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
Supreme Court dismisses another PIL seeking direction to the media not to declare farmers as 'terrorists' without any evidence.
— ANI (@ANI) February 3, 2021
बता दें कि 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में आंदोलनकारी किसानों ने एक ट्रैक्टर रैली निकाली थी। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसान उग्र हो गए और कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेटिंग तोड़ दी। उग्र प्रदर्शनकारी किसानों ने कई जगहों पर तलवार हाथों में लेकर दिल्ली पुलिस के जवानों को दौड़ाया। किसान और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़पों में सैकड़ों लोग घायल हो गए। किसान यूनियन के कई दलों ने केंद्र सरकार की ओर से पारित तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर अराजकता फैलाई थी।