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हिरासत में मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट का संजीव भट की याचिका पर विचार से इनकार
Wed, 12 Jun 2019 06:30 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 12 Jun 2019 06:30 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने हिरासत में मौत के 30 साल पुराने मामले में 11 अतिरिक्त गवाहों से पूछताछ की अपील की थी। संजीव भट इस मामले में आरोपी हैं। वह घटना के वक्त जामनगर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक थे।
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जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि तीन न्यायाधीशों की पीठ पहले ही 24 मई को ऐसी एक याचिका पर आदेश दे चुकी है और ऐसी स्थिति वह इस पर विचार नहीं कर सकती। गुजरात सरकार के वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने पीठ से कहा कि 1989 के हिरासत में मौत मामले में अंतिम बहस पूरी हो चुकी है और निचली अदालत इस मामले में 20 जून को अपना फैसला सुनाएगी।
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अभियोजन के अनुसार, संजीव ने सांप्रदायिक दंगे के दौरान सौ से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लिया था और इन्हीं में से एक व्यक्ति की रिहाई होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। संजीव को बगैर अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और सरकारी वाहन का दुरुपयोग करने के आरोप में 2011 में निलंबित किया गया था और बाद में अगस्त, 2015 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।
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भट ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने हिरासत में मौत मामले की सुनवाई के दौरान पूछताछ के लिए अतिरिक्त गवाहों को बुलाने की उनकी अपील को अस्वीकार कर दिया था।