पेगासस जासूसी कांड: निष्पक्ष जांच के लिए दायर की गई याचिका, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार
भारत में फोन टैपिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सरकार विपक्ष के निशाने पर है। संसद से लेकर सड़क तक इसपर विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया
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पेगासस जासूसी का मामला भारत में तूल पकड़ता जा रहा है। संसद से लेकर सड़क तक सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर है। वहीं अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। पेगासस कांड पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष कोर्ट वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की निष्पक्ष जांच कराने वाली याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। अगले हफ्ते मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस पर सुनवाई होगी।
Supreme Court to hear the plea of senior journalists N Ram & Sashi Kumar next week, seeking inquiry headed by a sitting or retired judge of top court to investigate into the reports of government using Israeli software Pegasus to spy on politicians, activists, and journalists pic.twitter.com/PuBCnVfE27
— ANI (@ANI) July 30, 2021विज्ञापन
कपिल सिब्बल ने सीजेआई के सामने रखी याचिका
वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार की याचिका वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखी और कोर्ट से आग्रह किया कि कथित जासूसी के व्यापक असर को देखते हुए इसपर सुनवाई की जरूरत है, जिसपर प्रधान न्यायाधीश ने सहमति जताते हुए अगले हफ्ते सुनवाई करने की बात कही।
वरिष्ठ पत्रकारों की याचिका में कहा गया कि कथित जासूसी भारत में विरोध की स्वतंत्र अभिव्यक्ति को दबाने और हतोत्साहित करने के एजेंसियों एवं संगठनों के प्रयास की बानगी है।
तीन सौ से ज्यादा लोगों की फोन टैपिंग कराने का मामला
गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 300 से अधिक लोगों के फोन नंबरों को इजराइल के पेगासस स्पाइवेयर से टैप कराया गया है। इसमें विपक्षी दलों के नेता, पत्रकार, जज समेत कुछ कारोबारी भी शामिल हैं।