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केरल के सीएम विजयन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई टली, आरोप मुक्त करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Tue, 23 Feb 2021 05:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 23 Feb 2021 05:56 PM IST
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supreme court postponed hearing in the corruption case related to Kerala cm Vijayan, CBI challenged high court order
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन - फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई स्थगित कर दी। यह मामला कनाडा की कंपनी एसएनसी-लवलीन को ठेका देने में भ्रष्टाचार का है। विजयन और दो अन्य को केरल हाईकोर्ट ने आरोपमुक्त किया है। इसे सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 
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एएसजी ने किया था सुनवाई बढ़ाने का अनुरोध
विजयन के खिलाफ यह मामला उस समय का है, जब वे केरल के बिजली मंत्री थे। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने मामले में सुनवाई स्थगित किए जाने का अनुरोध किया। इसके बाद न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई छह अप्रैल तक टाल दी।
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खजाने को 374 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप
यह मामला, विजयन जब 1996 में बिजली मंत्री थे, उस समय एसएनसी-लवलीन को एक ठेका देकर राज्य के खजाने को 374.50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में सीबीआई से एसएनसी-लवलीन भ्रष्टाचार मामले में विजयन और दो अन्य को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ ठोस दलीलों के साथ आने को कहा था। बता दें, केरल हाईकोर्ट और निचली अदालत ने आदेश दिया था कि मामले में विजयन पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए।


2017 में हाईकोर्ट ने किया था आरोप मुक्त 
सीबीआई ने 2017 में याचिका दाखिल की और कहा कि वह मुद्दे के तथ्यात्मक पहलुओं पर समग्र नोट पेश करेगी। केरल उच्च न्यायालय ने 23 अगस्त 2017 को एसएनसी-लवलीन भ्रष्टाचार मामले में विजयन को आरोप मुक्त किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा था कि सीबीआई ने गलत तरीके से उन पर मामला दर्ज किया, क्योंकि प्रारंभिक नजर में उनके खिलाफ मामला नहीं बनता। उच्च न्यायालय ने मामले में दो अन्य को भी आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को बरकरार रखा था और सीबीआई की याचिका खारिज कर दी, जिसमें कहा गया था कि साजिश को साबित करने के लिए मुकदमा जरूरी है।
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