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वकील चैम्बरों में शराब पीते हैं, चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से कहा- यह मांग हम नहीं सुनेंगे
Tue, 23 Jul 2019 10:12 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 23 Jul 2019 10:12 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
महिला वकीलों की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट को बताया गया था कि वकील अपने चैम्बरों में शराब पीते हैं। इस कारण विभिन्न कोर्ट परिसरों में महिलाओं से दुष्कर्म और हत्या के मामले बढ़ रहे हैं।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आदेश जारी कर इस बारे में गाइडलाइंस बनाने को कहा जाए। हालांकि, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह मांग बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सामने रखें। हम इस पर सुनवाई नहीं करेंगे।
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यह याचिका 'आर्ट ऑफ लर्निंग' नाम की संस्था ने दाखिल की थी। इसमें दावा किया गया है कि कोर्ट परिसरों में शाम होते ही वकील चैम्बरों में शराब पीने लगते हैं। इससे कोर्ट परिसर में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दिल्ली की जिला अदालत में वकील के चैम्बर में महिला से दुष्कर्म और यूपी में बार काउंसिल अध्यक्ष की हत्या जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
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याचिकाकर्ता ने मांग की कि महिला वकीलों की सुरक्षा संबंधी उपायों के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया को आदेश जारी किया जाए। वकीलों को अपने चैम्बर में शराब पीने से भी रोका जाए। कोर्ट परिसर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशाखा गाइडलाइंस का पालन होना चाहिए।