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Supreme Court: न्यूजक्लिक के संस्थापक की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट ने बताया अवैध, जल्द रिहा करने का दिया आदेश
Wed, 15 May 2024 12:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 15 May 2024 12:19 PM IST
सार
समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुरकायस्थ पर 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने के लिए 'पीपल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म' (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रचने का भी आरोप है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक मामले में न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया। इसके साथ ही जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उन्हें जल्द रिहा करने का आदेश दिया। बता दें कि न्यूजक्लिक पर भारत की संप्रभुता को बाधित करने और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से धन लेने का आरोप लगाया गया था।
समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुरकायस्थ पर 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने के लिए 'पीपल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म' (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रचने का भी आरोप है।
क्या है न्यूजक्लिक मामला
न्यूज क्लिक एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है। जिसके ऊपर विदेशी फंडिंग का मामला दर्ज हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने चीन का साथ देकर भारत में माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। स्पेशल सेल से पहले ईडी भी छापेमारी की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने जानकारी दी थी कि न्यूज क्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। जिसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि साल 2005 से 2014 के बीच कांग्रेस को भी चीन से बहुत सारा पैसा मिला। इतना ही नहीं द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि न्यूज क्लिक को विदेशी फंडिंग से 38 करोड़ मिले थे। यह पैसा कुछ जर्नलिस्ट में शेयर हुआ था।
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समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुरकायस्थ पर 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान पहुंचाने के लिए 'पीपल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म' (पीएडीएस) नामक समूह के साथ साजिश रचने का भी आरोप है।
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क्या है न्यूजक्लिक मामला
न्यूज क्लिक एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है। जिसके ऊपर विदेशी फंडिंग का मामला दर्ज हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने चीन का साथ देकर भारत में माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। स्पेशल सेल से पहले ईडी भी छापेमारी की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने जानकारी दी थी कि न्यूज क्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी। जिसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया था कि साल 2005 से 2014 के बीच कांग्रेस को भी चीन से बहुत सारा पैसा मिला। इतना ही नहीं द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि न्यूज क्लिक को विदेशी फंडिंग से 38 करोड़ मिले थे। यह पैसा कुछ जर्नलिस्ट में शेयर हुआ था।
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