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कार्रवाई की मांग: पत्नियों को छोड़ने वाले एनआरआई पतियों के खिलाफ याचिका पर सरकार को नोटिस
Tue, 23 Mar 2021 03:13 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 23 Mar 2021 03:13 AM IST
सार
- सुप्रीम कोर्ट जुलाई में करेगा सुनवाई, महिलाओं को संरक्षण के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग।
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है जिसमें पुलिस, आव्रजन विभाग और भारतीय दूतावास को एनआरआई पति द्वार पत्नियों को छोड़ने के मामलों में जल्द न्याय दिलाने को लेकर दिशानिर्देश बनाने की गुहार लगाई गई है।
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याचिका में कहा गया है जिन महिलाओं को एनआरआई पति ने छोड़ दिया है, उन्हें कानूनी और वित्तीय सहायता दी जाए। ऐसे एनआरआई पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। कोर्ट जुलाई में याचिका पर सुनवाई करेगा।
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चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को गैर सरकारी संगठन प्रवासी लीगल सेल द्वारा दायर याचिका पर सरकार से जवाब मांगा। वकील जॉन इब्राहिम के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि कई बार देखने को मिलता है कि पति विदेश ले जाने से पहले ही पत्नी को छोड़ देता है।
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कई ऐसे उदाहरण हैं जब आनन-फानन में सगाई होती। दहेज में मोटी रकम ली जाती है और शादी होती है। इसके बाद पति विदेश चला जाता है और पत्नी वीजा का इंतजार करती रहती है। कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब पति के विदेश जाने से पहले पत्नी गर्भवती हो गई हो और विदेश जाने के बाद एनआरआई व्यक्ति ने पत्नी और बच्चों को त्याग रखा हो। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर जुलाई में उस याचिका के साथ सुनवाई करने का निर्णय लिया है जिसमें कमोवेश इसी तरह की बातें उठाई गई है।