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Lockdown: फ्लाइट रद्द होने पर पूरा पैसा वापस न करना मनमाना रवैया, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस
Tue, 28 Apr 2020 03:49 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 28 Apr 2020 03:49 AM IST
सार
लॉकडाउन की वजह से उड़ाने रद्द होने पर एयरलाइंस द्वारा पैसेंजर को पूर्ण रिफंड करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए को नोटिस जारी किया है।
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supreme court
- फोटो : ANI
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विस्तार
जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने प्रवासी लीगल सेल नामक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर याचिका पर मंत्रालय और डीजीसीए को जवाब देने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान पीठ के सदस्य जस्टिस कौल ने मौखिक रूप से यह टिप्पणी की कि पूर्ण रिफंड न किया जाना मनमाना रवैया है।
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इस याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन की वजह से उड़ानें रद्द हो गई हैं। लेकिन एयरलाइंस लोगों को टिकट का पूरा पैसा वापस नहीं कर रही है। यह मनमाना रवैया है। साथ ही यह नागर विमानन निदेशालय के नियमों का उल्लंघन भी है। याचिका में कहा गया है कि संकट की इस स्थिति में भी एयरलाइंस मानवीय रूप दिखाने की जगह इसे एक अवसर के तौर पर देख रही है। कंपनियां उन लोगों से गैरकानूनी रूप से फायदा लेने की कोशिश कर रही है जो पहले से ही अनिश्चितता की स्थिति में है।
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याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि मंत्रालय द्वारा 16 अप्रैल को जारी आदेश में एयरलाइंस को सिर्फ उन लोगों को रिफंड करने का आदेश दिया है जिन्होंने लॉकडाउन की अवधि के दौरान टिकट बुक करवाया था। इस आदेश में उन लोगों को बाहर रखा गया था जो उड़ानों पर पाबंदी लगने से पहले टिकट बुक करवा लिया था। याचिका में कहा गया है कि ऐसा करना मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
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