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SC: नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी पर लगाई रोक
Thu, 16 May 2024 01:26 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 16 May 2024 01:26 PM IST
सार
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि मामले में तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी और अब उन्हें ताजा पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के मद्देनजर नए सिरे से गिरफ्तारी की आशंका है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) यादव सिंह को भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। भ्रष्टाचार के इस मामले में यादव सिंह ने दिसंबर 2011 में कथित तौर पर 954 करोड़ रुपये के 1280 रखरखाव संबंधी ठेकों का काम आठ दिन में कराया था।
जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यादव सिंह की ओर से पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एन के कौल की इन दलीलों पर संज्ञान लिया कि मामले में आरोपी के खिलाफ सीबीआई द्वारा पूरक आरोपपत्र दायर किये जाने के बाद जमानती वारंट जारी किया गया है। पीठ अब चार सप्ताह बाद याचिका पर सुनवाई करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि मामले में तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी और अब उन्हें ताजा पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के मद्देनजर नए सिरे से गिरफ्तारी की आशंका है।
पीठ ने सिंह की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा, 'याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।' शीर्ष अदालत ने एक अक्टूबर, 2019 को यादव सिंह को जमानत दे दी थी।
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जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने यादव सिंह की ओर से पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एन के कौल की इन दलीलों पर संज्ञान लिया कि मामले में आरोपी के खिलाफ सीबीआई द्वारा पूरक आरोपपत्र दायर किये जाने के बाद जमानती वारंट जारी किया गया है। पीठ अब चार सप्ताह बाद याचिका पर सुनवाई करेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि मामले में तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी और अब उन्हें ताजा पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के मद्देनजर नए सिरे से गिरफ्तारी की आशंका है।
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पीठ ने सिंह की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा, 'याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।' शीर्ष अदालत ने एक अक्टूबर, 2019 को यादव सिंह को जमानत दे दी थी।
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