Supreme Court: सोमनाथ भारती की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को दी है चुनौती
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के सामने सोमनाथ भारती की याचिका सुनवाई के लिए लाई गई। जिस पर पीठ ने याचिका पर सुनवाई की मंजूरी दे दी। सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि सतीश उपाध्याय ने चुनाव के दौरान प्रतिनिधि कानून 1951 का उल्लंघन किया और उनके एजेंटों द्वारा कार के जरिए लोगों को पोलिंग बूथ पर लाया गया।
बंगलूरू के पांच नगर निकायों में चुनाव की समयसीमा बढ़ी
ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और इस साल नवंबर तक यह प्रक्रिया पूरी होगी। ऐसे में उन्होंने चुनाव की समयसीमा बढ़ाने की मांग की। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। याचिका में कहा गया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी एसआईआर में लगी है।
रथ यात्रा के बाद रिलीज होगी फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ, सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटिड फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उत्सव खत्म होने के बाद देशभर में 28 जुलाई या इसके बाद रिलीज करने की अनुमति दे दी है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि यह एनिमेटिड फिल्म उस वेब सीरीज पर आधारित है, जिसे पहले ही यूट्यूब पर जारी किया जा चुका है। पीठ ने यह भी जिक्र किया कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म के प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। फिल्म के निर्माताओं ने ओडिशा हाईकोर्ट के 15 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एले एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड को फिल्म रिलीज करने से रोक दिया गया था। यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली थी।
प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि ओडिशा और देश के अन्य हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा बृहस्पतिवार से शुरू हो चुकी है। हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार करने वाली पीठ ने 17 जुलाई को फिल्म रिलीज करने का निर्देश देने से भी मना कर दिया। जस्टिस नागरत्ना ने फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत से कहा कि रथ यात्रा खत्म होने के बाद आप फिल्म रिलीज कर सकते हैं। कामत ने पीठ से कहा कि फिल्म को उसी तारीख पर रिलीज करने की इजाजत दी जाए जो पहले तय की गई थी, क्योंकि दो साल पहले यूट्यूब पर रिलीज हुई वेब सीरीज से किसी को कोई परेशानी नहीं हुई थी। हालांकि, पीठ ने उनसे रथ यात्रा के उत्सव के दौरान फिल्म रिलीज न करने को कहा। कामत ने तर्क दिया कि करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है और थिएटर बुक किए गए हैं। यदि दस दिन के त्योहारों के दौरान फिल्म रिलीज़ नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सीबीएफसी ने फिल्म को मंजूरी दे दी है। यह फिल्म बच्चों के लिए है और बाल गणेश पर बनी एनिमेटेड फिल्म की तरह पूरी तरह से काल्पनिक है। पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रोड्यूसर्स की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया।