SC Updates: अदालत बोली- त्वरित सुनवाई अधिकार, उल्लंघन पर UAPA आरोपी को जमानत; वैधानिक प्रतिबंध आड़े नहीं आएंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालतें अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई के अधिकार के उल्लंघन की स्थिति में यूएपीए के आरोपी को भी जमानत दे सकती हैं। इस टिप्पणी के साथ शीर्ष अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, (यूएपीए) के आरोपों का सामना कर रहे कैदी शेख इकबाल को जमानत दे दी। इकबाल नौ साल से कैद में था और उसके मुकदमे में कोई खास प्रगति नहीं हुई थी।
वैधानिक प्रतिबंध आड़े नहीं आएंगे
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा, ऐसी स्थिति में वैधानिक प्रतिबंध आड़े नहीं आएंगे। यहां तक कि दंड विधान की व्याख्या के मामले में, चाहे वह कितना भी कठोर क्यों न हो, अदालत को सांविधानिकता और कानून के शासन के पक्ष में झुकना ही पड़ता है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले साल अप्रैल को पारित एक आदेश को पलट दिया जिसमें अपीलकर्ता को जमानत देने से इन्कार किया गया था।
मुकदमे का कोई अंत नहीं दिखना बन सकता है जमानत का आधार
जस्टिस भुइयां के लिखे फैसले में कहा गया, मुकदमे का कोई अंत नहीं दिखना जमानत का आधार बन सकता है। यदि कथित अपराध गंभीर है तो अभियोजन पक्ष के लिए यह सुनिश्चित करना और भी जरूरी है कि मुकदमा जल्द समाप्त हो।
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर सवुक्कु को रिहा करने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को यूट्यूबर 'सवुक्कु' शंकर को रिहा करने का आदेश दिया। उन्हें मई में तमिलनाडु पुलिस ने गुंडा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया था। जस्टिस सुधांशु धूलिया और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें शंकर की मां ने गुंडा अधिनियम के तहत उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को स्थगित कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में दो नए न्यायाधीशों की शपथ, भरी गईं सभी रिक्तियां
न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति आर महादेवन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। दोनों को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने शपथ दिलाई।
फिर से 34 हुई न्यायाधीशों की संख्या#WATCH | Acting Chief of Madras High Court, R Mahadevan takes oath as a Supreme Court judge. Chief Justice of India DY Chandrachud administers the oath.
— ANI (@ANI) July 18, 2024
(Video: Supreme Court of India/YouTube) pic.twitter.com/YAznJQkH47
गौरतलब है, दोनों न्यायमूर्तियों के शपथ ग्रहण करने के साथ ही न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल न्यायाधीश फिर से 34 हो गए, जो शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत अधिकतम संख्या है।
पहले इस अदालत के न्यायाधीश थे#WATCH | Delhi: Chief Justice of Jammu and Kashmir and Ladakh High Court, Nongmeikapam Kotiswar Singh takes oath as a Supreme Court judge. Chief Justice of India DY Chandrachud administers the oath.
(Video: Supreme Court of India/YouTube) pic.twitter.com/oWERon3rHI — ANI (@ANI) July 18, 2024
जम्मू-कश्मीर के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह मणिपुर से शीर्ष न्यायालय में नियुक्त होने वाले पहले न्यायाधीश बन गए हैं। वहीं, न्यायमूर्ति महादेवन मद्रास उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थे।