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Supreme Court: लक्षद्वीप प्रशासन ने चिकन व मांस को मिड डे मील से हटाने को बताया वाजिब, हलफनामे में यह भी कहा

Sat, 13 Aug 2022 09:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 13 Aug 2022 09:37 PM IST
सार

हलफनामे में यह भी कहा गया है कि मानसून के दौरान मांस और चिकन की खरीद मुश्किल होती है जबकि मछली, अंडा और फल, ड्राई फ्रूट्स की उपलब्धता अबाधित रहती है। हलफनामे में कहा गया है, 'उचित भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण, छात्रों को मांस और चिकन की बजाय परिवर्तित मेनू प्रदान करने की अधिक गुंजाइश है।'

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Supreme Court Lakshadweep administration asked to remove chicken and meat from mid day meal is justified
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल ने स्कूल के मिड डे मील के मेनू से चिकन, बीफ और अन्य मांस को हटाने के अपने फैसले का सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बचाव करते हुए कहा है कि ये आम तौर पर सभी घरों में नियमित भोजन का हिस्सा होते हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि फलों और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करने के लिए मांस और चिकन को हटाया गया है। 

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प्रशासक द्वारा दायर एक लिखित जवाब में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में मिड डे मील छात्रों को उनके घर पर उपलब्ध होने वाले भोजन के अतिरिक्त या विकल्प के रूप में नहीं है।
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प्रशासक द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि लक्षद्वीप में मांस और चिकन आम तौर पर सभी घरों में नियमित भोजन का हिस्सा होते हैं। दूसरी ओर द्वीपवासियों के बीच फलों और ड्राई फ्रूट्स की खपत बहुत कम होती है। लिहाज मिड डे मील योजना के मेनू से मांस और चिकन की बजाय फल और ड्राई फ्रूट्स को योजना का हिस्सा बनाया गया है और यह पूरी तरह से मिड डे मील योजना के उद्देश्य के अनुरूप है।'
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शीर्ष अदालत ने केरल हाईकोर्ट के सितंबर 2021 के फैसले के खिलाफ द्वीप के एक निवासी द्वारा दायर अपील पर केंद्र से जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने लक्षद्वीप प्रशासन के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में लक्षद्वीप द्वीप समूह के स्कूलों में डेयरी फार्मों को बंद करने और मिड डे मील के मेनू से मांस को हटाने के प्रशासन के फैसले को चुनौती दी गई है।

हलफनामे में यह भी कहा गया है कि मानसून के दौरान मांस और चिकन की खरीद मुश्किल होती है जबकि मछली, अंडा और फल, ड्राई फ्रूट्स की उपलब्धता अबाधित रहती है। हलफनामे में कहा गया है, 'उचित भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण, छात्रों को मांस और चिकन की बजाय परिवर्तित मेनू प्रदान करने की अधिक गुंजाइश है।'


पशुपालन विभाग के डेयरी फार्मों को बंद करने के संबंध में कहा गया है कि यह निर्णय इसलिए लिया गया था क्योंकि फार्म केवल 300 से 400 लोगों की मांग को पूरा करते थे, जबकि लक्षद्वीप द्वीप की कुल आबादी 20000 है। जिससे 96 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा था।

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