सुप्रीम कोर्ट के जज जेके माहेश्वरी बोले- कृष्ण ने भी की थी मध्यस्थता की कोशिश, सुलभ न्याय के लिए इसकी दरकार
महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट के विधि विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस जेके माहेश्वरी ने कहा कि न्याय प्रणाली पर बोझ काफी ज्यादा है। इसे कम करने के लिए इस तरह के उपाय आजमाए जाने चाहिए...
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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी ने कहा है कि अदालतों पर मुकदमों का बोझ बहुत ज्यादा है। लेकिन यदि मध्यस्थता के रास्तों को अपनाया जाए, तो इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक काल में मध्यस्थता को बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। यह दोनों पक्षों के लोगों के लिए हितकारी होता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता कोई नया उपाय नहीं है। बल्कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी महाभारत रुकवाने के लिए इस विकल्प को आजमाने की कोशिश की थी।
महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट के विधि विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस जेके माहेश्वरी ने कहा कि न्याय प्रणाली पर बोझ काफी ज्यादा है। इसे कम करने के लिए इस तरह के उपाय आजमाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों पर बोझ कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद निपटान व्यवस्था सही है और इससे सभी पक्षों को त्वरित न्याय मिलने का रास्ता तैयार होता है।
डॉ. नंद किशोर गर्ग ने कहा कि आज भी हम 200 वर्ष पुरानी व्यवस्था को ढो रहे हैं। यह विडंबना है कि जो भारत की मूल न्याय व्यवस्था थी, वह आज वैकल्पिक कहलाती है। भारतीय संस्कृति में इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। लोगों को न्याय त्वरित और आसान भाषा में उपलब्ध हो, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।