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तरुण तेजपाल केस: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर ने खुद को सुनवाई से किया अलग, बताई यह वजह 

Fri, 21 Jan 2022 01:26 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 21 Jan 2022 01:26 PM IST
सार

तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई को लेकर उनकी याचिका को हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने खारिज कर दिया था। 

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Supreme Court Judge Justice L Nageswara Rao recused himself from hearing the appeal of journalist Tarun Tejpal in sexual assault case
तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल - फोटो : social media

विस्तार

तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल मामले में सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एल नागेश्वर राव ने खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि वह 2015 में इस मामले में गोवा सरकार की ओर से पेश हुए थे। इसके बाद मामले की सुनवाई अब अगले सप्ताह दूसरी बेंच करेगी। दरअसल, तरुण तेजपाल सहयोगी कर्मचारी से लिफ्ट में यौन उत्पीड़न मामले में फंसे थे। उनके द्वारा अपील की गई थी कि मामले की इन कैमरा सुनवाई कराई जाए। इसमें कहा गया था कि सुनवाई बंद कमरे में हो। इसके बाद हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसी मामले को चुनौती देते हुए याचिका डाली गई थी, जिस पर जस्टिस एल नागेश्वर राव व जस्टिस बीआर गवई को सुनवाई करनी थी।

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देश को जानने का हक लड़की के साथ क्या व्यवहार हुआ 
2013 के इस यौन उत्पीड़न मामले में चल रही सुनवाई बंद कमरे में करवाए जाने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान तरुण तजपाल की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि देश को जानने का हक है कि उस लड़की, पीड़िता के साथ क्या व्यवहार किया गया था। हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 24 नवंबर 2021 को उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। 
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सत्र न्यायालय ने कर दिया था बरी
सत्र न्यायालय ने तरुण तेजपाल को इस मामले से 21 मई 2021 को बरी कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की, जिसके बाद तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक ने बंद कमरे में सुनवाई की मांग की थी। 

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