फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court issue notice to up government over kushinagar mosque demolition action

Supreme Court: रोक के बाद भी बुलडोजर कार्रवाई से सुप्रीम कोर्ट नाराज, उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा नोटिस

Mon, 17 Feb 2025 03:39 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 17 Feb 2025 03:39 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना करने के लिए कार्रवाई क्यों न की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर आदेश पारित करते हुए कुशीनगर मामले में आगे किसी भी तरह की तोड़फोड़ कार्रवाई पर रोक लगा दी है।  

विज्ञापन
supreme court issue notice to up government over kushinagar mosque demolition action
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कुशीनगर में मस्जिद में तोड़फोड़ करके उनके 13 नवंबर 2024 के आदेश का उल्लंघन किया है। 13 नवंबर 2024 को दिए आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बिना पूर्व नोटिस और दूसरे पक्ष को सुने बिना तोड़फोड़ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कुशीनगर मामले में आगे किसी भी तरह की तोड़फोड़ कार्रवाई पर रोक लगा दी है। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई से जताई नाराजगी
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना करने के लिए कार्रवाई की जाए? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर आदेश पारित करते हुए कुशीनगर मामले में आगे किसी भी तरह की तोड़फोड़ कार्रवाई पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि कुशीनगर जिले में प्रशासन ने मदनी मस्जिद के एक हिस्से में तोड़फोड़ की है। आरोप है कि मस्जिद का निर्माण जमीन पर अतिक्रमण करके किया गया। इस महीने की शुरुआत में प्रशासन ने बुलडोजर से मस्जिद के कथित अवैध हिस्से को गिरा दिया। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने लगाए ये आरोप
याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि जांच में पता चल गया था कि मस्जिद के निर्माण में कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है और एसडीएम की रिपोर्ट में इसका जिक्र है। इसके बावजूद कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उस पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज की गई। याचिकाकर्ता ने याचिका में दावा किया कि प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। साथ ही तोड़फोड़ से पहले प्रशासन ने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया। याचिकाकर्ता ने किसी भी तोड़फोड़ कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और तबाह किए गए हिस्से के पुननिर्माण या मुआवजा देने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed