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Supreme Court: 'पूरा सिस्टम नहीं चला सकते', SC में माता-पिता का पता लगाने के लिए DNA परीक्षण वाली याचिका खारिज

Mon, 30 Oct 2023 05:51 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 30 Oct 2023 05:51 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता बनने का पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण उपलब्ध कराने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने एक सख्त टिप्पणी में कहा, "पूरा सिस्टम" नहीं चला सकते। 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को माता-पिता बनने के विवादों पर फैसला करने के लिए देश भर में डीएनए परीक्षण की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालतें पूरी व्यवस्था नहीं चला सकती हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने तल्ख टिप्पणी में कहा, अदालत पूरा सिस्टम नहीं चला सकती।
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सिस्टम चलाना संभव नहीं, केस पर फैसले हो सकते हैं
शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में की गई प्रार्थनाओं को अखिल भारतीय आधार पर स्वीकार करना बहुत मुश्किल है। पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, "अदालतें पूरी व्यवस्था नहीं चला सकतीं। यह किसी मामले में सामने आने वाले मुद्दे पर फैसला कर सकती है।"
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बच्चे की वैधता का निर्णायक प्रमाण
पीठ ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 का उल्लेख किया। इसके तहत वैध विवाह की निरंतरता के दौरान जन्म बच्चे की वैधता का निर्णायक प्रमाण है। शीर्ष अदालत ने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए याचिकाकर्ता से पूछा, "क्या आप चाहते हैं कि पूरे देश में डीएनए परीक्षण हो? यह कैसी याचिका है?" 
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अदालत में व्यक्तिगत पेशी के नियम
सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उनका कोई व्यक्तिगत मुकदमा है? गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों के मुताबिक कोई भी भारतीय नागरिक या वकील अपनी व्यक्तिगत क्षमता से अदालत में याचिकाकर्ता के रूप में उपस्थित हो सकता है।


सात साल पुराना विवाद
याचिकाकर्ता ने सकारात्मक जवाब दिया। उसने पीठ से कहा कि इस मुद्दे पर उसका सात साल पुराना विवाद है। दलीलों को सुनने के बाद पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और कहा, "केवल इसलिए कि याचिकाकर्ता के कुछ मुद्दे लंबित हैं, अखिल भारतीय आधार पर प्रार्थना स्वीकार करना बहुत मुश्किल होगा।"
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