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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: Doctor not responsible for misfortune or mistake in judgment, dismisses petition seeking damages of Rs 95.16 lakh

सुप्रीम कोर्ट : दुर्भाग्य या निर्णय में गलती के लिए डॉक्टर जिम्मेदार नहीं, 95.16 लाख रुपये हर्जाने की मांग वाली याचिका खारिज

Thu, 21 Apr 2022 05:12 AM IST
योगेश साहू राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Thu, 21 Apr 2022 05:12 AM IST
सार

शीर्ष अदालत ने कहा, इस मामले में सभी पोस्ट ऑपरेटिव मेडिकल केयर प्रोटोकॉल मरीज को दिए गए थे। फिर भी उसकी स्थिति बिगड़ती गई और अंत में उसे बचाया नहीं जा सका, जो वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन नियति को जो स्वीकार्य है उसका कानूनी सहारा नहीं हो सकता।

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Supreme Court: Doctor not responsible for misfortune or mistake in judgment, dismisses petition seeking damages of Rs 95.16 lakh
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा, डॉक्टर अपनी ओर से उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं। एक डॉक्टर को सिर्फ इसलिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए क्योंकि दुर्भाग्य या उपचार का उचित तरीका न चुनने के कारण मामला बिगड़ गया और मरीज को बचाया नहीं जा सका।

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जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस अभय एस ओका की पीठ ने कहा, चिकित्सक केवल तभी उत्तरदायी होगा जब उसका आचरण उसके क्षेत्र में उचित रूप से सक्षम चिकित्सक के मानकों से नीचे हो। पीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ डॉ चंदा रानी अखौरी और अन्य की अपील को खारिज कर दिया।
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आयोग ने आपरेशन के बाद लापरवाही के लिए एक नर्सिंग होम और उसके डॉक्टरों के खिलाफ 95.16 लाख रुपये हर्जाने के उनके दावे को खारिज कर दिया था। 1995 में किडनी प्रत्यारोपण के कुछ महीनों के भीतर ही उनके पति नवीन कांत की मृत्यु हो गई थी।
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शीर्ष अदालत ने कहा, इस मामले में सभी पोस्ट ऑपरेटिव मेडिकल केयर प्रोटोकॉल मरीज को दिए गए थे। फिर भी उसकी स्थिति बिगड़ती गई और अंत में उसे बचाया नहीं जा सका, जो वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है   लेकिन नियति को जो स्वीकार्य है उसका कानूनी सहारा नहीं हो सकता।

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