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किराये को लेकर गृह मंत्रालय के आदेश पर अमल के लिए याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
Tue, 05 May 2020 03:21 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 05 May 2020 03:21 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के दौरान छात्रों से किराया नहीं मांगने और श्रमिकों से मकान खाली नहीं कराने का मकान मालिकों को निर्देश संबंधी गृह मंत्रालय के आदेश पर अमल के लिए दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
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न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि स्थिति की निगरानी के लिए पहले से ही हेल्पलाइन है और कोई भी प्रभावित व्यक्ति इसके जरिए प्राधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
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यह याचिका अधिवक्ता पवन प्रकाश पाठक और एके पांडे ने दायर की थी। इसमें छात्रों और मजदूरों से कोविड-19 के दौरान जबरन किराया मांगने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था।
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याचिका में गृह मंत्रालय के 29 मार्च के आदेश पर अमल कराने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था। इस आदेश के तहत मकान मालिकों को छात्रों, श्रमिकों और प्रवासी कामगारों से एक महीने तक किराया नहीं मांगने का निर्देश दिया गया था। आदेश में कहा गया था कि जो मकान मालिक अपने किरायेदारों को मकान खाली करने के लिये बाध्य करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि गृह मंत्रालय के आदेश के बावजूद अनेक मकान मालिकों ने छात्रों और श्रमिकों को पूरा किराया देने के लिए मजबूर किया है और ऐसा नहीं करने वाले किरायेदारों से मकान खाली कराए हैं।