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कोविड मरीजों के घर पर पोस्टर न चिपकाने के बारे में निर्देशों पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट
Thu, 05 Nov 2020 11:04 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 05 Nov 2020 11:04 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह कोविड-19 मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने की व्यवस्था खत्म करने के लिए राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार करे। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने कुश कालरा की याचिका पर नोटिस जारी किए बगैर ही केंद्र से कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करे। याचिका में इस बारे में दिशा-निर्देश बनाने का अनुरोध किया गया है।
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इस याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि जब दिल्ली सरकार पोस्टर चस्पा नहीं करने के बारे में उच्च न्यायालय में राजी हो गई तो फिर केंद्र पूरे देश में इसके लिए दिशानिर्देश क्यों नहीं तैयार कर सकता। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता रजत नायर से कहा कि वह पूरे देश में ऐसे दिशा-निर्देशों के बारे में विचार करें।
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बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने तीन नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा था कि उसने सभी अधिकारियों को हिदायत दी है कि कोविड-19 के मरीजों के घर के बाहर पोस्टर चस्पा नहीं करें। दिल्ली सरकार ने बाया था कि जहां पहले पोस्टर लगाए गए थे, उन्हें हटाने के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी कहा था कि उनके अधिकारियों को कोविड-19 से संक्रमित मरीजों का विवरण उनके पड़ोसियों या रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन या व्हाटसएप समूहों में साझा नहीं करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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कालरा ने उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में कहा था कि कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों का विवरण रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और व्हाट्सएप समूहों में धड़ल्ले से साझा किया जा रहा है। कालना ने याचिका में कहा था कि इस वजह से यह एक कलंक बनता जा रहा है और अनावश्यक रूप से लोगों का ध्यान खींच रहा है।