लोकपाल नियुक्ति: सुप्रीम कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद जागी केंद्र, 19 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे बैठक
लोकपाल के मामले में केंद्र सरकार 19 जुलाई को बैठक करने जा रही है। केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए चयन समिति 19 जुलाई को बैठक करेगी। और इसी बैठक में उनके नामों की सिफारिश भी की जाएगी। न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को सरकार ने लोकपाल से जुड़ी कमेटी की बैठक की सूचना दी है।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि पहले सर्च कमेटी से इस बारे में बात की जाएगी, उसके बाद लोकपाल नियुक्तियों को लेकर आगे कदम उठाए जाएंगे। केंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर्च कमेटी की बैठक की जाएगी।
Appointment of Lokpal and Lokayukta issue: Selection committee has to convene a meeting on July 19 on the issue. Supreme Court fixed the matter for further hearing to next week. SC took into record the affidavit filed by the Union of India
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 17, 2018
मंगलवार को केंद्र ने अपने हलफनामे में बताया कि चयन समिति में प्रधानमंत्री , भारत के प्रधान न्यायाधीश , लोकसभा अध्यक्ष , विपक्षी दल के नेता और एक जानेमाने न्यायविद शामिल होते हैं।
बता दें कि वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण ने अदालत में एक याचिका दायर की थी जिसमें यह कहा गया था कि पिछले साल 27 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद आजतक लोकपाल की नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने केंद्र सरकार को हलफनामा देकर लोकपाल की नियुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी।
सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने लिखित निर्देश पीठ को सौंपी थी। कॉमन कॉज नामक संगठन ने अपनी याचिका में कहा है कि गत वर्ष अप्रैल में शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने कहा कि सरकार जानबूझ कर लोकपाल की नियुक्ति टाल रही है। अब वह वक्त आ गया है जब लोकपाल की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट को अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
मालूम हो कि मई में सरकार ने बताया था कि लोकपाल की नियुक्ति करने वाली चयन समिति में नामचीन हस्ती के तौर पर वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी को नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ वकील पीपी राव के निधन के बाद यह पद खाली था।