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महिला सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, ओला-उबर के नियमन पर सरकार करे विचार
Thu, 01 Aug 2019 05:58 AM IST
Nilesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 01 Aug 2019 05:58 AM IST
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ओला-उबर
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सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार को ओला, उबर आदि एप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों के लिए कानून बनाने पर विचार करने को कहा है।
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जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता को चार हफ्ते के भीतर केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि इस मसले पर हमें क्यों, सरकार को विचार करना चाहिए।
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दरअसल महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने पीठ से कहा कि एप आधारित टैक्सी सेवा को लेकर कोई नियम नहीं है। कैब में महिलाओं के साथ दुष्कर्म सहित कई अन्य वारदात हो चुकी हैं।
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लिहाजा इन्हें रेग्यूलेट करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये सर्विस मोटर वाहन अधिनियम के दायरे में नहीं आते। ये ‘इंटरमीडियरीज हैं और वे आईटी एक्ट में भी नहीं आते।