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Cryptocurrencies: 'विनियमन और अपराध पर नकेल के लिए तंत्र पर मंथन जारी'; सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दिया जवाब

Sat, 20 Jan 2024 08:08 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 20 Jan 2024 08:08 PM IST
सार

क्रिप्टोकरेंसी के विनियमन और इससे जुड़े अपराध पर नकेल कसने के लिए तंत्र विकसित करने पर मंथन किया जा रहा है। सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि इस डिजिटल मुद्रा से संबंधित मुद्दे लगातार विकसित हो रहे हैं। सरकार सभी बिंदुओं का संज्ञान लेकर विनियमित करने के तंत्र पर विचार-विमर्श कर रही है।

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Supreme Court Cryptocurrencies Regulation Yet to Finalise Mechanism Centre Reply
सुप्रीम कोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मुकदमे पर केंद्र सरकार का जवाब - फोटो : social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया है कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मुद्दों पर सरकार नजर बनाए हुए है। सरकार ने अदालत में कहा कि इस डिजिटल मुद्रा से जुड़े अपराध पर नकेल कसने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने और इससे जुड़े अपराधों की प्रभावी जांच के लिए एक तंत्र विकसित करने के मामले में अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। सरकार ने विस्तृत जानकारी देने के लिए चार हफ्ते का समय मांगा। इस पर अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को तय की। अदालत ने इससे पहले हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया।
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धोखाधड़ी और क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग से बचाने के उपाय
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मुकदमे की सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की पीठ में हो रही है। शुक्रवार को केंद्र की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने दलीलें पेश कीं।सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, अदालत केवल यह चाहती है कि आम आदमी को धोखाधड़ी और क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग से बचाने के लिए सरकार ने क्या उचित सुरक्षा उपाय किए हैं? उन्होंने कहा, जहां तक अलग-अलग राज्यों में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों और भारत सरकार के रूख का सवाल है, केंद्र विस्तार से जवाब दाखिल करेगा।
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मुद्राओं की विशेषज्ञ नहीं है सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष अदालत ने कहा, हम इस बात के विशेषज्ञ नहीं हैं कि आपके पास किस प्रकार की मुद्रा होनी चाहिए या मुद्राओं को विनियमित किया जाना चाहिए। क्रिप्टो मामले पर सुनवाई कर रही खंडपीठ ने कहा, यदि मुद्रा को विनियमित करने के लिए कोई तंत्र नहीं है, तो कोई भी मुद्राएं बना सकता है। उस मुद्रा में लेनदेन भी शुरू किया जा सकता है। ऐसा होने पर बहुत खतरनाक हालात बन सकते हैं। कोर्ट कि इस टिप्पणी पर केंद्र की तरफ से पेश वकील ने कहा, सरकार तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श कर रही है।
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कई राज्यों से जुड़ा है पूरा मामला
अदालत में जिस मामले की सुनवाई हो रही है वह झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रदेशों से जुड़ा है। इन राज्यों में क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में आरोपी गणेश शिव कुमार सागर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। आरोपी ने अलग-अलग राज्य में दर्ज प्राथमिकी को एक साथ जोड़ने की मांग की है। शीर्ष अदालत ने 27 जुलाई, 2023 को आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। अब कोर्ट ने उनके रूख को देखते हए कहा कि आरोपी जांच में शामिल होकर अधिकारी का पूरा सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में गिरफ्तारी से उन्हें पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी। इसी मुकदमे पर पिछली सुनवाई के दौरान सितंबर, 2023 में केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के स्तर पर गहन मंथन की जरूरत है। जुलाई, 2023 में शीर्ष अदालत ने इस मामले में गृह मंत्रालय को भी एक पक्षकार बनाया था।
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