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Supreme Court : हादसे में हाथ गंवाने वाले पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी को 62.35 लाख का मुआवजा

Sat, 17 Sep 2022 06:05 AM IST
योगेश साहू राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 17 Sep 2022 06:05 AM IST
सार

अपीलकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया था कि दुर्घटना के समय उसे बेल्जियम में मर्चेंट नेवी में वेतन के रूप में 1000 अमेरिकी डॉलर मिल रहे थे। इसके अलावा मुफ्त भोजन, आवास और मुफ्त हवाई टिकट की सुविधा मिली हुई थी।

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Supreme Court: Compensation of 62.35 lakh to former merchant navy officer who lost his hand in accident
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसे में हाथ गंवाने वाले पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी को 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ 62.35 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। 25 साल पहले हुए हादसे में अधिकारी का दाहिना हाथ कट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा तय की गई मुआवजे की रकम में करीब 350 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

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जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी रमेश की अपील पर हाईकोर्ट के फैसले में बदलाव किया। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने रमेश को 6.68 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने रकम बढ़ाकर 14.82 लाख रुपये कर दी थी। 
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सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि हाईकोर्ट ने भविष्य में आर्थिक नुकसान का फैसला देते हुए आय के नुकसान को 18,000 रुपये प्रति माह माना है। शीर्ष अदालत ने इस राशि को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह कर दिया। पीठ ने कहा कि यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि अपीलकर्ता मर्चेंट नेवी में कार्यरत था और प्रासंगिक समय पर उसका वेतन 1,000 अमेरिकी डॉलर था। 
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कोहनी के नीचे उसका दाहिना हाथ कट गया था, जिसके परिणामस्वरूप दाहिने हाथ में 70 फीसदी विकलांगता आ गई। हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर कि दावेदार अभी भी कुछ कमा सकता है, पीठ ने कहा है कि वह मर्चेंट नेवी में कोई काम नहीं कर पाएगा। पीठ ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने यह भी देखा कि मर्चेंट नेवी में आमतौर पर नौकरी साल में छह महीने के लिए होती है। 

पीठ ने कहा कि उक्त अवलोकन बिल्कुल बिना किसी आधार के है। यह नहीं कहा जा सकता है कि वह बाकी छह महीने तक कुछ नहीं करेगा। पीठ ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने भी भविष्य में आय में वृद्धि पर विचार नहीं किया। शीर्ष अदालत ने अपीलकर्ता को दर्द, सदमा और पीड़ा के लिए चार लाख रुपये भी देने का आदेश दिया है। 


अपीलकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया था कि दुर्घटना के समय उसे बेल्जियम में मर्चेंट नेवी में वेतन के रूप में 1000 अमेरिकी डॉलर मिल रहे थे। इसके अलावा मुफ्त भोजन, आवास और मुफ्त हवाई टिकट की सुविधा मिली हुई थी। उन्होंने विभिन्न मदों के मद्देनजर 1.02 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा किया था।

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