सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने किसान यूनियनों से कहा- कृषि कानूनों पर खुलकर रखें राय
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केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों पर विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने गुरुवार को वर्चुअल बैठक की। इसमें कमेटी ने किसान यूनियनों से आग्रह किया कि वे इन कानूनों के बारे में खुलकर अपनी राय रखें।
Supreme Court-appointed-committee on farm laws virtually met with farmers' unions & associations today. The committee requested farmers' representatives to 'give their views frankly' on the laws. The unions participated in the discussion & 'gave their frank opinion & suggestions'
— ANI (@ANI) January 21, 2021विज्ञापन
आठ राज्यों के 10 संगठन शामिल हुए
यह बैठक दिल्ली स्थित एनएएसी काॅम्प्लेक्स पूसा में आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न किसान व कृषक संघों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई। इसमें कमेटी के सदस्यों के अलावा आठ राज्यों-कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के 10 विभिन्न किसान संगठनों ने भाग लिया।
चर्चा के दौरान कमेटी के सदस्य अनिल घनवट, डाॅ. अशोक गुलाटी व प्रमोद जोशी ने किसान नेताओं से तीनों कृषि कानूनों पर खुले मन से चर्चा करने का आग्रह किया। उनके आग्रह पर किसान नेताओं ने इन कानूनों को लेकर खुलकर अपना पक्ष रखा।
बैठक को लेकर मिली खबरों में कहा गया है कि किसान यूनियनों ने चर्चा में हिस्सा लिया और अपनी राय व सुझाव खुलकर कमेटी के सदस्यों के सामने रखे। बता दें, इन कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन को दो माह हो चुके हैं। सरकार के साथ दस दौर की वार्ता के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। सुप्रीम कोर्ट ने जहां कृषि विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है और कानून के अमल पर रोक लगाई है, वहीं केंद्र सरकार ने किसानों को डेढ़ साल तक इन कानूनों पर रोक का ताजा प्रस्ताव दिया है। सरकार के ताजा प्रस्ताव पर किसानों का मंथन जारी है।