सुप्रीम कोर्ट: कॉलेजियम ने बंबई उच्च न्यायालय के जजों के रूप में 13 नामों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ अधिवक्ताओं और चार न्यायिक अधिकारियों को बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त करने की शुक्रवार को सिफारिश की। तीन न्यायाधीशों वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की शुक्रवार को बैठक हुई। इस कॉलेजियम में प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमना और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन शामिल थे।
कॉलेजियम ने नौ अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की। ये नौ अधिवक्ता हैं: अरुणा एस पाई, शैलेश पी ब्रह्मे, कमल आर खाटा, शर्मिला यू देशमुख, अमीरा अब्दुल रजाक, संदीप वी मार्ने, संदीप एच पारिख, सोमशेखर सुंदरसेन और महेंद्र एम नेरलीकर।
न्यायिक अधिकारियों में राजेश एन. लड्ढा, संजय जी. मेहर, जी.ए. सनप और एस जी डिग शामिल हैं। बंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 94 है और 30 से अधिक सीटें खाली हैं।
सुप्रीम कोर्ट के लिए भी कुछ नामों पर हुई थी चर्चा
इससे एक दिन पहले ही प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक हुई थी। इसमें शीर्ष न्यायालय में पदोन्नति के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के नामों पर विचार किया गया था। बता दें कि सीजेआई 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उन्होंने शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र से नामों की सिफारिश करने पर फैसला करने को लेकर पांच सदस्यीय कॉलेजियम की बैठक की अध्यक्षता की, लेकिन चर्चा बेनतीजा रही थी। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया कि कॉलेजियम ने तीन उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और उच्च न्यायालयों की दो महिला न्यायाधीशों के नामों पर विचार किया। अगली बैठक अप्रैल में होने की उम्मीद है। न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा के हाल ही में सेवानिवृत्त होने के बाद शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की रिक्तियां बढ़ कर पांच हो गई हैं।